जालंधर: ईडी ने पूर्व फूड अधिकारी राकेश सिंगला की 1.36 करोड़ की 5 संपत्तियां मनी लॉन्ड्रिंग केस में अटैच कीं
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जालंधर जोनल ऑफिस ने पंजाब सरकार के एक पूर्व अधिकारी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई की है

जालंधर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जालंधर जोनल ऑफिस ने पंजाब सरकार के एक पूर्व अधिकारी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत राकेश कुमार सिंगला और उनकी पत्नी रचना सिंगला की कुल 1.36 करोड़ रुपए की पांच अचल संपत्तियों को प्रोविजनली अटैच (जब्त) कर लिया है।
ईडी ने विजिलेंस ब्यूरो, पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। इस एफआईआर में राकेश कुमार सिंगला पर आय से अधिक संपत्ति जमा करने का आरोप था। जांच में पाया गया कि सिंगला, जो उस समय पंजाब सरकार के फूड एंड सिविल सप्लाइज विभाग में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर तैनात थे, ने रिश्वत लेकर गैरकानूनी कमाई की। यह कमाई उनकी ज्ञात आय से कहीं ज्यादा थी।
ईडी की जांच के अनुसार, सिंगला ने रिश्वत से प्राप्त रकम को पहले कैश में इकट्ठा किया। फिर इस कैश को उनके और उनकी पत्नी रचना सिंगला के बैंक अकाउंट में जमा किया गया। इसके अलावा, अलग-अलग लोगों और कंपनियों के नाम पर नकली एंट्री (फर्जी लेन-देन) करवाई गईं। इन नकली लेन-देन से रकम को वैध दिखाया गया और अंत में अचल संपत्तियों में निवेश कर दिया गया। इस तरह अपराध से हुई कमाई को लेयरिंग (परत-दर-परत ट्रांसफर) और इंटीग्रेशन (मिलाकर साफ दिखाना) की प्रक्रिया से लॉन्ड्र किया गया।
अटैच की गई पांच अचल संपत्तियां मुख्य रूप से राकेश कुमार सिंगला और उनकी पत्नी के नाम पर हैं। इनका कुल बाजार मूल्य लगभग 1.36 करोड़ रुपए है। ये संपत्तियां क्राइम प्रोसीड्स (अपराध से हुई कमाई) या उसके बराबर मूल्य की मानी गई हैं। ईडी ने इन संपत्तियों के ट्रांसफर, बिक्री या किसी तरह के डिस्पोजल को रोकने के लिए प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया है।
आगे की जांच जारी है। ईडी बैंक रिकॉर्ड, ट्रांजेक्शन डिटेल्स, नकली एंट्री देने वाले लोगों और कंपनियों की गहन पड़ताल कर रही है। जांच में और संपत्तियां अटैच होने या गिरफ्तारियां होने की संभावना है।


