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हॉकी जर्सी के रंग पर प्रियंका गांधी का केंद्र पर हमला, बोलीं- देश की आत्मा को कोई नहीं बदल सकता

मीडिया से बातचीत के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार चाहे राष्ट्रीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदल दे या नई शिक्षा नीति के माध्यम से इतिहास को अलग तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास करे, लेकिन इससे देश की जनता की सोच प्रभावित नहीं होगी।

हॉकी जर्सी के रंग पर प्रियंका गांधी का केंद्र पर हमला, बोलीं- देश की आत्मा को कोई नहीं बदल सकता
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नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग नीले से बदलकर भगवा किए जाने को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि प्रतीकों और रंगों में बदलाव से देश की सोच और मूल विचारधारा नहीं बदली जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल जर्सी का रंग बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और इतिहास को भी अपनी सोच के अनुरूप ढालने की कोशिश कर रही है।

'जर्सी बदलने से देश की सोच नहीं बदलेगी'

मीडिया से बातचीत के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार चाहे राष्ट्रीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदल दे या नई शिक्षा नीति के माध्यम से इतिहास को अलग तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास करे, लेकिन इससे देश की जनता की सोच प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में युवाओं ने जिन मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की है, वह देश की वास्तविक भावना को दर्शाता है। प्रियंका गांधी ने जंतर-मंतर पर विभिन्न मुद्दों को लेकर जुटे युवाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी आवाज देश की आकांक्षाओं और चिंताओं का प्रतिनिधित्व करती है।

नई शिक्षा नीति और इतिहास पर भी उठाए सवाल

कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था के माध्यम से इतिहास की व्याख्या बदलने का प्रयास कर रही है। उनके अनुसार, इतिहास को तथ्यों और वास्तविक घटनाओं के आधार पर पढ़ाया जाना चाहिए, न कि राजनीतिक विचारधारा के अनुरूप प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विभिन्न विचारों का सम्मान होना चाहिए और इतिहास के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ से बचना आवश्यक है।

आरएसएस पर भी साधा निशाना

प्रियंका गांधी ने अपने बयान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत की आजादी की लड़ाई का आधार सत्य, अहिंसा और जनभागीदारी थी तथा इस संघर्ष का नेतृत्व महात्मा गांधी और कांग्रेस ने किया था। उनका कहना था कि स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास को देश का हर नागरिक जानता है और इस ऐतिहासिक सच्चाई को बदला नहीं जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि आज कुछ लोग इतिहास की नई व्याख्या प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इससे ऐतिहासिक तथ्य नहीं बदलेंगे।

'देश की आत्मा भाईचारे और अहिंसा में बसती है'

प्रियंका गांधी ने कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता, भाईचारे, सत्य और अहिंसा की परंपरा से बनी है। उन्होंने कहा कि देश की आत्मा इन मूल्यों पर आधारित है और इसे कोई भी संगठन या राजनीतिक दल समाप्त नहीं कर सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज में विभाजन, नफरत और हिंसा फैलाने के प्रयास किए जा सकते हैं, लेकिन भारत की मूल भावना हमेशा एकता और आपसी विश्वास पर टिकी रहेगी। उनके अनुसार, यही मूल्य देश की सबसे बड़ी ताकत हैं।

राहुल गांधी के बयान का भी किया उल्लेख

अपने संबोधन के दौरान प्रियंका गांधी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हालिया वक्तव्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने संसद में एक युवक के शरीर पर पैलेट के निशान दिखाते हुए सवाल उठाया था कि आखिर ये निशान कैसे आए। प्रियंका गांधी ने कहा कि इस तरह के मामलों पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए और ऐसे सवालों से बचने के बजाय तथ्यों के साथ अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

राजनीतिक बहस हुई तेज

राष्ट्रीय हॉकी टीम की जर्सी के रंग को लेकर उठे विवाद ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। कांग्रेस इसे सांस्कृतिक और वैचारिक बदलाव के व्यापक एजेंडे से जोड़कर देख रही है, जबकि इस मुद्दे पर सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। आने वाले दिनों में यह विषय संसद और राजनीतिक मंचों पर चर्चा का केंद्र बना रह सकता है। फिलहाल प्रियंका गांधी के बयान ने इस बहस को और तेज कर दिया है, जिसमें खेल, शिक्षा, इतिहास और वैचारिक राजनीति जैसे कई मुद्दे एक साथ जुड़ते नजर आ रहे हैं।


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