चक्रवात अर्नब पर राहुल गांधी चिंतित, प्रभावितों के लिए मांगी त्वरित राहत
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब और ओडिशा में भारी बारिश व बाढ़ से हुई तबाही पर गहरी चिंता व्यक्त की है

अर्नब और बाढ़ से हुई तबाही पर राहुल गांधी ने जताई गहरी चिंता
- आंध्र-ओडिशा आपदा पर राहुल का संदेश, हर पीड़ित तक पहुंचे मदद
- चक्रवात अर्नब के बाद राहत और पुनर्वास में तेजी लाने की अपील
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब और ओडिशा में भारी बारिश व बाढ़ से हुई तबाही पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए सरकारों से राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने की अपील की।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी संदेश में कहा कि आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब से हुई तबाही और ओडिशा में भारी वर्षा एवं बाढ़ की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि उनकी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों, घरों, आजीविका और सुरक्षा की भावना को खोया है। राहुल गांधी ने संबंधित राज्य सरकारों से आग्रह किया कि कठिन समय में प्रत्येक प्रभावित परिवार तक शीघ्र राहत और पुनर्वास सहायता पहुंचाई जाए।
Deeply concerned by the devastation caused by Cyclone Arnab in Andhra Pradesh and the heavy rainfall and flooding in Odisha.
My heartfelt condolences to the families who have lost their loved ones. My thoughts are with everyone affected, those who have lost their homes, livelihoods and a sense of security.
I urge the governments to ensure swift relief and rehabilitation for every affected family during this difficult time.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 29, 2026
इस बीच आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि चक्रवात अर्नब के कारण राज्य में सात लोगों की मौत हुई है और प्रारंभिक आकलन के अनुसार करीब 4,600 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि विस्तृत सर्वेक्षण के बाद नुकसान का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को नुकसान की प्रारंभिक रिपोर्ट भेज दी है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय टीम शुक्रवार को राज्य का दौरा कर नुकसान का आकलन करेगी।
नायडू ने कहा कि कोनसीमा और पश्चिम गोदावरी जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। सरकार ने राहत शिविरों में रहने वाले परिवारों को वापस घर लौटने पर 25 किलो चावल, आवश्यक वस्तुओं का पैकेट और तत्काल खर्च के लिए वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है।
इसके अलावा क्षतिग्रस्त प्रत्येक नारियल और ऑयल पाम के पेड़ के लिए 1,500 रुपए की सहायता देने की घोषणा की गई है। किसानों को फसल बीमा योजना के तहत भी मुआवजा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि चक्रवात के कारण अकेले कोनसीमा जिले में लगभग 8,000 बिजली के खंभे गिर गए हैं। बिजली और दूरसंचार सेवाओं को बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि एहतियाती उपायों के चलते बड़े पैमाने पर जनहानि को रोका जा सका, लेकिन सात लोगों की मौत बेहद दुखद है।
चक्रवात के बाद राहत कार्यों में लगभग 30 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों को लगाया गया है, जबकि तेलंगाना से एक हजार बिजली कर्मियों की मदद भी मांगी गई है।


