Top
Begin typing your search above and press return to search.

पोषक तत्वों से भरपूर केले का छिलका, सेहत के लिए वरदान

केला हर घर में रोजाना खाया जाने वाला फल है। यह मीठा, पौष्टिक और तुरंत ऊर्जा देने वाला होता है, लेकिन ज्यादातर लोग केला खाने के बाद उसका छिलका बिना सोचे-समझे कूड़े में डाल देते हैं

पोषक तत्वों से भरपूर केले का छिलका, सेहत के लिए वरदान
X

नई दिल्ली। केला हर घर में रोजाना खाया जाने वाला फल है। यह मीठा, पौष्टिक और तुरंत ऊर्जा देने वाला होता है, लेकिन ज्यादातर लोग केला खाने के बाद उसका छिलका बिना सोचे-समझे कूड़े में डाल देते हैं। अब वैज्ञानिक अध्ययनों से साबित हो चुका है कि यह छिलका बेकार नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी है।

केले की तरह ही इसके छिलके में भी कई ऐसे प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत और स्वस्थ बनाते हैं। अमेरिकन नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की जानकारी के अनुसार, केले के छिलके में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीमाइक्रोबियल गुण मौजूद होते हैं। ये तत्व शरीर में जमा विषैले पदार्थों को निकालते हैं और कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं। इससे इम्यूनिटी बढ़ती है और कई बीमारियां दूर रहती हैं।

रिसर्च में सामने आया कि छिलके में गैलोकैटेचिन नाम का प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट होता है। यह तत्व शरीर को डिटॉक्स करता है और रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है। दिलचस्प बात यह है कि छिलके में केले के गूदे से भी ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। इसके छिलके में फ्लेवोनोइड्स, टैनिन और सैपोनिन जैसे महत्वपूर्ण कंपाउंड्स होते हैं। ये फ्री रेडिकल्स नामक हानिकारक कणों से मुकाबला करते हैं।

फ्री रेडिकल्स शरीर की कोशिकाओं को क्षति पहुंचाकर कैंसर, दिल की बीमारी और समय से पहले बुढ़ापा जैसे रोगों का कारण बनते हैं। इसके अलावा, छिलके में मजबूत एंटीबैक्टीरियल शक्ति होती है। यह ई. कोलाई, साल्मोनेला और स्टेफाइलोकोक्स जैसे खतरनाक बैक्टीरिया को नष्ट करने में सक्षम है। ये बैक्टीरिया पेट दर्द, दस्त, बुखार और संक्रमण पैदा करते हैं। साथ ही, यह दांतों और मसूड़ों के संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया पर भी असरदार है।

छिलके में गैलिक एसिड, फेरुलिक एसिड और कैटेचिन जैसे तत्व फंगस (फंगल इंफेक्शन) से भी लड़ते हैं। कुछ शोधों में यह भी देखा गया कि छिलके से बने नेचुरल कलर में भी एंटीबैक्टीरियल गुण बने रहते हैं। ऐसे में एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि छिलका अच्छी तरह धोकर इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे स्मूदी, चाय, बेकिंग, या घरेलू फेस मास्क में भी इस्तेमाल लाभदायी है। अगर कोई एलर्जी हो तो पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it