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पवनमुक्तासन से पाएं बिगड़ रही सेहत से तुरंत राहत

नई दिल्ली, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में गलत खान-पान और घंटों एक जगह बैठकर काम करने की वजह से पेट संबंधी समस्या आम हो गई है।

पवनमुक्तासन से पाएं बिगड़ रही सेहत से तुरंत राहत
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नई दिल्ली, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में गलत खान-पान और घंटों एक जगह बैठकर काम करने की वजह से पेट संबंधी समस्या आम हो गई है। इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए 'पवनमुक्तासन' बेहद सरल और प्रभावी आसन बताया गया है। यह आसन शरीर में मौजूद दूषित वायु को बाहर निकालकर पेट को साफ रखता है और मन को शांति प्रदान करता है।

पवनमुक्तासन संस्कृत के तीन शब्दों से मिलकर बना है... 'पवन' यानी हवा, 'मुक्त' यानी छोड़ना, और 'आसन' यानी योग की मुद्रा। इसका मतलब यह ऐसा योगासन है जो शरीर से गैस या अपच को बाहर निकालने में मदद करता है। यही कारण है कि इसे अंग्रेजी में 'वाइंड रिलिजिंग पोज' भी कहा जाता है।

पवनमुक्तासन उन योगासनों में एक आसन है, जिसे वायु मुक्ति आसन या 'गैस रिलीज पोज' भी कहा जाता है। यह आसन पेट में जमा गैस को बाहर निकालने और पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मददगार साबित होता है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय अनुसार, पवनमुक्तासन वात से भी राहत दिलाता है और पेट को बढ़ने से रोकता है। इससे पेट पर आंतरिक दबाव पड़ता है जिससे आसन पाचन क्रिया में सहायक होता है। पाचन क्रिया के अलावा यह पेल्विक रीजन की मांसपेशियों, लिगामेंट्स और टेंडन्स के लिए बहुत लाभदायक होता है।

इसके साथ ही यह आसन शरीर के कोर मसल्स यानी पेट, कमर और पेल्विक हिस्से की मांसपेशियों को टोन करता है। इन हिस्सों की मांसपेशियां जब मजबूत होती हैं, तो शरीर का संतुलन बेहतर होता है और थकावट कम लगती है। यह खासकर महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद है क्योंकि यह आसन पेल्विक हिस्से की ताकत बढ़ाकर मासिक धर्म से जुड़ी परेशानियों में भी मदद कर सकता है।

हालांकि, इस आसन को करने से पहले कुछ सावधानियां भी बतरनी पड़ती है जैसे कि पेट, कमर या रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट या सर्जरी हुई है तो इस आसन को करने से बचें। गर्भवती महिलाओं को यह आसन नहीं करना चाहिए। उच्च रक्तचाप या हर्निया के रोगियों को चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।


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