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फॉर्म 6 को लेकर राहुल गांधी के पोस्ट को चुनाव आयोग ने बताया भ्रामक

मतदाता पंजीकरण से जुड़े फॉर्म 6 को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पोस्ट को चुनाव आयोग ने भ्रामक बताया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर फॉर्म 6 में 'अवैध और एकतरफा' बदलाव करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे बीजेपी की मदद के लिए पद के दुरुपयोग से भी जोड़ा।

फॉर्म 6 को लेकर राहुल गांधी के पोस्ट को चुनाव आयोग ने बताया भ्रामक
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नई दिल्ली। मतदाता पंजीकरण से जुड़े फॉर्म 6 को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पोस्ट को चुनाव आयोग ने भ्रामक बताया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर फॉर्म 6 में 'अवैध और एकतरफा' बदलाव करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे बीजेपी की मदद के लिए पद के दुरुपयोग से भी जोड़ा।

राहुल गांधी के इन आरोपों पर चुनाव आयोग ने दावे का फैक्ट चेक जारी करते हुए 'भ्रामक' बताया है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अब यह 'संदेह से परे स्थापित' हो चुका है कि ज्ञानेश कुमार ने फॉर्म 6 को अवैध और एकतरफा तरीके से बदला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बीजेपी की मदद करने के लिए ज्ञानेश कुमार द्वारा अपने पद के दुरुपयोग का एक और सबूत है।

राहुल गांधी ने आगे कहा कि 'लोकतंत्र पर आपराधिक हमले' में शामिल ज्ञानेश कुमार और अन्य सभी लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी।

राहुल गांधी ने अपने दावे के साथ चुनाव आयोग की प्रेस नोट का एक हिस्सा भी साझा किया था। इसमें फॉर्म 6 और एसआईआर को लेकर कहा गया था कि एसआईआर के लिए फॉर्म 6 से जुड़ा डिक्लेरेशन सुप्रीम कोर्ट द्वारा बरकरार रखा गया है। वहीं, गैर-एसआईआर अवधि के दौरान रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960 के अनुसार लागू फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा।

राहुल गांधी के आरोप के बाद इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने भी एक्स पर जवाब दिया और 'फैक्ट चेक' जारी करते हुए उनके बयान को भ्रामक बताया।

आयोग ने कहा कि बिहार में एसआईआर के लिए 24 जून 2025 का आदेश आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी के साथ जारी हुआ था। इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 के अपने फैसले में बरकरार रखा था।

दूसरी तरफ, ईसीआई ने कहा कि उसने 26 सितंबर 2026 की प्रेस नोट नं. 120 के पॉइंट 1(iii) में स्पष्ट किया था कि एसआईआर के लिए फॉर्म 6 के साथ संलग्न डिक्लेरेशन को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है।

इस तरह चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के उस आरोप को खारिज किया कि संबंधित फैसला एकतरफा तरीके से लिया गया था।

फॉर्म 6 को लेकर राहुल गांधी इससे पहले 1 अक्टूबर को भी चुनाव आयोग पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने एक्स पोस्ट में दावा किया था कि ऑनलाइन फॉर्म 6 को अवैध रूप से बदला गया और कहा था कि चुनाव आयोग के अपने कमिश्नर्स ने भी इस मुद्दे को रिकॉर्ड पर रखा है।

इसके साथ ही राहुल गांधी ने टीसीएस की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए थे। उन्होंने पूछा था कि ईसीआई में किसने टीसीएस को ऑनलाइन फॉर्म 6 में बदलाव करने का आदेश दिया? टीसीएस में किसने इस बदलाव को मंजूरी दी? और क्या बदलाव करने के लिए टीसीएस पर किसी तरह का दबाव बनाया गया था?

अब राहुल गांधी ने फॉर्म 6 का मुद्दा दोबारा उठाते हुए सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि राहुल गांधी का बयान भ्रामक है। आयोग ने अपने फैक्ट चेक में बिहार एसआईआर के 24 जून 2025 के आदेश को आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी किया गया बताया है।


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