अंकिता भंडारी मामले में राहुल-प्रियंका की एंट्री, इंडिया गेट पर परिजनों से मिले, न्याय दिलाने का भरोसा
विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा बुधवार देर शाम इंडिया गेट पहुंच गए और वहां धरना दे रहे अंकिता भंडारी की माता और पिता से मुलाकात की

न्याय की आस में बैठे परिजन, राहुल-प्रियंका ने थामा हाथ
- दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर उठे सवाल
नई दिल्ली। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। बुधवार देर शाम लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा इंडिया गेट पहुंचे, जहां उन्होंने धरने पर बैठे अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की और उनकी बात सुनी।
अंकिता का परिवार मामले की जांच और हालिया राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर अपनी नाराजगी जता रहा है। परिजनों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए।
परिजनों के साथ धरने पर बैठे राहुल और प्रियंका
इंडिया गेट पर जारी धरने के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी कुछ समय तक अंकिता के माता-पिता के साथ बैठे रहे। इस दौरान परिजनों ने अपनी चिंताओं और मांगों को नेताओं के सामने रखा। कांग्रेस नेताओं ने परिवार को न्याय के लिए जारी लड़ाई में समर्थन देने का भरोसा जताया।
हाल ही में अंकिता के परिजनों ने भी राहुल गांधी से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी। इसके बाद कांग्रेस नेतृत्व ने इस मुद्दे को खुलकर उठाया है।
राज्यपाल नियुक्ति को लेकर उठ रहे सवाल
अंकिता भंडारी मामले को लेकर विपक्ष कुछ नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाता रहा है। इसी क्रम में एक राजनीतिक नियुक्ति को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। परिजनों और विपक्षी नेताओं का कहना है कि मामले से जुड़े आरोपों की पूरी जांच होने तक सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
परिवार का कहना है कि जांच एजेंसियों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से अपनी कार्रवाई आगे बढ़ानी चाहिए, ताकि किसी भी तरह की आशंका की गुंजाइश न रहे।
2022 में सुर्खियों में आया था मामला
अंकिता भंडारी उत्तराखंड के पौड़ी जिले की रहने वाली थीं और एक निजी रिजॉर्ट में काम करती थीं। वर्ष 2022 में उनकी हत्या के मामले ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था। घटना के बाद उत्तराखंड के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए थे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठी थी।
न्याय की मांग पर अड़े परिजन
अंकिता के माता-पिता का कहना है कि उनकी लड़ाई किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं बल्कि बेटी के लिए न्याय हासिल करने की है। उनका आग्रह है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ पूरी की जाए और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।


