राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल का बड़ा दावा, वोट चोरी के सबूत मांगे गए
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी नेताओं ने विजय चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात की

CEC विवाद पर विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, राष्ट्रपति भवन तक पहुंचा मामला
- राहुल बोले, राष्ट्रपति ने वोट चोरी के आरोपों को खारिज नहीं किया
- विजय चौक से राष्ट्रपति भवन तक हंगामा, विपक्ष ने सौंपा ज्ञापन
- ज्ञानेश कुमार विवाद पर सियासत तेज, राष्ट्रपति से मिले राहुल-खड़गे-ममता
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी नेताओं ने विजय चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में दस से अधिक नेता शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भी सौंपा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "आज हमारे गठबंधन दलों के सभी नेता, राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अन्य नेता राष्ट्रपति से मिले। राष्ट्रपति को हमने ज्ञापन सौंपा। पिछले चार दिनों से हम वोट चोरी के खिलाफ जो आंदोलन चला रहे हैं, उसके बारे में बताने के लिए हम राष्ट्रपति के पास गए थे।"
उन्होंने कहा, "हमने अपनी बात उनके सामने रखी और वोट चोरी के बारे में उन्हें बताया। ज्ञानेश कुमार के कार्यालय से जो इतनी बड़ी वोट चोरी हो रही है, उसे लेकर हमने मांग की है कि ईवीएम को हटाकर फिर से बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं। उन्होंने हमसे वोट चोरी के सबूत मांगे हैं। हम सबूत तैयार कर रहे हैं और उन्हें जल्द सौंपेंगे। हम सारी जानकारी देंगे। उन्होंने हमारी बातों को ध्यान से सुना है।"
हमारे INDIA गठबंधन के नेता महामहिम राष्ट्रपति जी से और हमने उनको हमारा ज्ञापन सौंपा।
पिछले चार दिनों में जो हमने agitation शुरू किया है वोट चोरी का, उस वोट चोरी के बारे में ही हम महामहिम राष्ट्रपति जी को बताने के लिए सभी लोग गए थे और हमने पूरी अपनी बात को रखी।
जो CEC ज्ञानेश कुमार आज इतनी बड़ी गलती किए हैं कि उनके office से ही सब चीजें चोरी हो रही है। इसीलिए हमने माँग की है कि फिर से एक बार ballot paper पर ही चुनाव कराया जाए। दूसरा कि vote चोरी जहाँ-जहाँ हुई, उसका सबूत उन्होंने मांगा है। वो सबूत हम उनको देंगे। उसके अलावा जो कुछ उनको देना है वो सभी information हम देंगे।
मोदी-शाह जो इस देश के लोकतंत्र को खत्म करने की तरफ कदम उठा रहे हैं, इसलिए हम सब गए थे।
राष्ट्रपति जी ने हमारी बात ध्यान से सुनी है।आगे उसके बारे में पूरा छानबीन करके संबंधित लोगों से बात करके उसको क्या करना, कैसा करना या आगे के कदम हम उठाएंगे, ऐसा उन्होंने कहा है।
उन्होंने हमारी आवाज़ को, जनता की आवाज़ को सुना, इसीलिए हम अभी संतुष्ट हैं।
— Mallikarjun Kharge (@kharge) October 9, 2026
राहुल गांधी ने कहा, "मैं अभी-अभी एक बहुत ही हैरान करने वाली बैठक से निकला हूं। सबसे पहली बात, हम राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपने गए थे। राष्ट्रपति ने हमारी बात को किसी भी तरह से नकारा नहीं, उस पर कोई सवाल नहीं उठाया और न ही उस पर कोई बहस की।"
उन्होंने कहा कि चुनाव में धांधली की बात पर राष्ट्रपति ने हमसे कहा कि आप सबूत लेकर हमारे पास आइए। हमने सारे सबूत एकत्रित किए हैं, इन सबूतों को राष्ट्रपति के पास ले जाया जाएगा। पूरा देश जानता है, छात्र जानते हैं कि देश में वोट चोरी हो रही है। उन्होंने कहा कि वे इसके बारे में सोचेंगी और कार्रवाई करेंगी। मैं उनका दिल से धन्यवाद करना चाहता हूं।
राहुल गांधी ने कहा कि 2024 का चुनाव भी चुरा लिया गया और फिर भी राष्ट्रपति चाहती हैं कि हम उन्हें सबूत दें। जब वह सबूत स्वीकार करने के लिए तैयार होंगी, तो हम जमा किए गए सभी सबूत उनके पास ले जाएंगे। मुझे असल में उम्मीद थी कि राष्ट्रपति वोट की चोरी होने की बात से इनकार करेंगी और कहेंगी कि भारत में चुनाव की व्यवस्था निष्पक्ष और स्वतंत्र है, लेकिन मैं हैरान और स्तब्ध रह गया कि राष्ट्रपति ने हमारी बात मान ली।
महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी के साथ हमारी मीटिंग हुई।
मैं आश्चर्यचकित रह गया कि जब हमने 'वोट चोरी' के बारे में जानकारी दी तो उन्होंने इसे मानने से इनकार नहीं किया। उन्होंने ये नहीं कहा कि हिंदुस्तान में चुनाव चोरी नहीं हो रहे हैं।
उल्टा राष्ट्रपति जी ने हमसे कहा है- आप 'वोट चोरी' के सबूत लाइए। हम उन्हें 'वोट चोरी' का सबूत देने को तैयार हैं।
पूरा देश जानता है, छात्र जानते हैं कि देश में 'वोट चोरी' हो रही है। नरेंद्र मोदी इसके architect हैं। अमित शाह और ज्ञानेश कुमार इसे लागू कर रहे हैं। राष्ट्रपति जी ने इससे भी इनकार नहीं किया।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
📍 दिल्ली
— Congress (@INCIndia) October 9, 2026
वहीं ममता बनर्जी ने कहा कि हमने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा है। हमने सकारात्मक रुख देखा है। उन्होंने कहा कि वह जांच करेंगी, विवरण देखेंगी। उन्होंने हमें सबूत भेजने के लिए कहा है और हम भेजेंगे। देश बहुत चिंतित है और संविधान के संरक्षक के तौर पर आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोकतंत्र बना रहे। उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक एकजुट है। हम बहुत मजबूत हैं और 60 प्रतिशत से ज्यादा लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनका रुख बहुत सकारात्मक है और उन्होंने कहा कि वह जांच करेंगी।
इससे पहले बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के साथ विपक्षी नेता विजय चौक पहुंचे। इनमें राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, ममता बनर्जी, दानिश अली, मनोज झा, राजीव राय, सुप्रिया सुले, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू समेत कई नेता शामिल थे।
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, अभिषेक बनर्जी, भूपेश बघेल और कुमारी सैलजा भी विजय चौक पहुंचे थे।
विपक्षी नेताओं ने विजय चौक पर बैठकर नारेबाजी की और प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी वहां मौजूद रहे।


