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राहुल गांधी विदेश में देश विरोधी ताकतों से मिलते हैं, सड़कों पर अराजकता से सत्ता नहीं चलती: भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन, कांग्रेस नेतृत्व के विदेश दौरों और पंजाब की कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर तीखी प्रतिक्रिया दी

राहुल गांधी विदेश में देश विरोधी ताकतों से मिलते हैं, सड़कों पर अराजकता से सत्ता नहीं चलती: भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह
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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन, कांग्रेस नेतृत्व के विदेश दौरों और पंजाब की कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सड़कों पर अराजकता फैलाने की राजनीति को लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए देश तोड़ने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट होने की अपील की।

आरपी सिंह ने कहा, "क्राइम ब्रांच की जो जांच चल रही है, उससे सीजीपी के लोग भाग क्यों रहे हैं? ऐसी क्या चीज है जिसे वे कवर-अप करना चाहते हैं? यह बताइए। दूसरी बात, ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उसके चलते आप सड़कों पर अराजकता नहीं फैला सकते, कानून की अवहेलना नहीं कर सकते। इतनी बात सबको समझनी चाहिए।"

उन्होंने कहा कि देश को कई ताकतें बांटना चाहती हैं, देश को तोड़ना चाहती हैं और देश के विरोध में काम कर रही हैं। दुर्भाग्य से हमारे कई लोग उनके हाथों के हथियार बन गए हैं। सैम पित्रोदा ने तो स्पष्ट कहा है कि अगर कोई जॉर्ज सोरोस की तरह 10 करोड़ डॉलर खर्च करके यहां पर सत्ता परिवर्तन करना चाहता है, तो क्या दिक्कत है? प्रशांत भूषण जैसे नेता लगातार ये कह रहे हैं कि खून बहाकर सत्ता परिवर्तन करेंगे, तो क्या दिक्कत है? योगेंद्र यादव तक कहने लगे कि अब हम संसद में नहीं, सड़कों पर लड़ाई लड़ेंगे। पूरे देश की सत्ता क्या सड़कों से चलेगी? नेहा बोरा कहती हैं कि बांग्लादेश में जो हुआ, उसी से प्रेरणा लेकर यहां काम कर रही हूं। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कहीं न कहीं ये सब लोग ऐसी बातें करते हैं जो देश को तोड़ने और देश में अराजकता खड़ी करने की दिशा में जाती हैं। इसका पूरे देश को एकजुट होकर जवाब देने की जरूरत है।

पंजाब सरकार को लेकर सुखबीर सिंह बादल के बयान पर उन्होंने कहा कि वह उनका राजनीतिक बयान है। इसमें कोई शक नहीं है कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पंजाब के सबसे बड़े दुश्मन हैं। कांग्रेस ने वादा किया था कि वे पंजाब को नशामुक्त करेंगे, लेकिन उनके रहते ऐसा नहीं हुआ। फिर आम आदमी पार्टी ने भी कसम खाकर कहा था कि वे पंजाब को नशामुक्त करेंगे, पर उनके शासन में भी नशे की समस्या बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि आज हालत यह हो गई है कि स्विगी और जोमैटो से जल्दी आपको नशा मिल जाता है, ऐसा आरोप लगाया जा रहा है। कई गांवों के गांव, घर और मोहल्ले प्रभावित हैं। लोगों ने अपने घरों और गांवों के बाहर बोर्ड लगा दिए हैं कि हमें अपना घर बेचना है, क्योंकि नशे की वजह से लोग परेशान हैं।

पंजाब चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि अब सुखबीर सिंह बादल की अपनी बातें हैं, लेकिन हमारी ओर से 117 सीटों पर पूरी तैयारी है और हम 117 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी विदेश जाते हैं और वहां जाकर ऐसी ताकतों से मिलते हैं, जो भारत के विरुद्ध बातें करती हैं। इल्हान उमर से जाकर मिले, जो खुले तौर पर कहती हैं कि कश्मीर को भारत से अलग होना चाहिए। फिर अमेरिका में जाकर कहते हैं कि पश्चिमी देशों को भारत के अंदर हस्तक्षेप करना चाहिए, क्योंकि यहां लोकतंत्र खत्म हो गया है। लगातार इस प्रकार की बातें की जाती हैं।

उन्होंने कहा कि उनके सलाहकार सैम पित्रोदा खुले तौर पर कई विवादित बयान दे चुके हैं। इसलिए आरोप लगाया जाता है कि राहुल गांधी जब विदेश जाते हैं तो कहीं न कहीं भारत को कमजोर करने की राजनीति करते हैं।

आरपी सिंह ने कहा कि जहां तक रेहान रॉबर्ट वाड्रा (रेहान राजीव वाड्रा) की फोटो प्रदर्शनी का सवाल है, उन्होंने इससे पहले भी कई प्रदर्शनियां लगाई हैं और किसी ने उन्हें नहीं रोका। उसी बीकानेर हाउस में भी प्रदर्शनी लगाई गई थी, लेकिन वहां की नीति के अनुसार सांप्रदायिक सद्भावना और राजनीतिक विषयों से जुड़ी प्रदर्शनियों पर प्रतिबंध है। रेहान रॉबर्ट वाड्रा ने ऐसी तस्वीरें प्रदर्शित कीं जो आंदोलनों और राजनीतिक विषयों से संबंधित थीं, इसलिए उन्हें हटाया गया। अब इस पर राजनीति की जा रही है। राजनीति करना अलग बात है, लेकिन आप कानून का उल्लंघन नहीं कर सकते। आप देश के राजा नहीं हैं, एक नागरिक हैं और नागरिक की तरह व्यवहार करना चाहिए।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय राय ने काशी में एयर शो को लेकर भाजपा पर सवाल उठाए। इस पर आरपी सिंह ने कहा कि कमाल की बात है कि यदि भारतीय वायु सेना, सेना या नौसेना कहीं भी कोई कार्यक्रम करती है, तो इन्हें उससे भी दिक्कत होती है। वास्तव में ये नहीं चाहते कि देश मजबूत हो, न ही यह चाहते हैं कि हमारी सेना, वायु सेना या नौसेना और अधिक सशक्त बने।


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