SIR पर महासंग्राम! राहुल गांधी विपक्षी फौज के साथ Supreme Court पहुंचे, चुनाव आयोग पर बड़ा हमला
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है

राहुल गांधी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, SIR प्रक्रिया पर तत्काल रोक के लिए विपक्ष का संयुक्त हमला
नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के अन्य नेताओं ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए SIR प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने की मांग की।
राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई विपक्षी नेताओं और समर्थकों ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला। इसके बाद विपक्ष की ओर से अदालत में एक संयुक्त याचिका दाखिल की गई, जिसमें चुनाव आयोग के कुछ निर्णयों पर सवाल उठाए गए हैं और कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब विपक्ष पहले न्यायपालिका के समक्ष अपनी चिंताएं सीधे रखने की कोशिश कर चुका था। मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात नहीं हो सकी, जिसके बाद विपक्ष ने कानूनी रास्ता अपनाते हुए याचिका दाखिल की।
सुप्रीम कोर्ट की सूची में यह मामला राहुल गांधी और निर्वाचन आयोग के बीच विवाद से जुड़ी याचिका के रूप में दर्ज किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट तक निकाला गया विरोध मार्च
सोमवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के नेताओं ने विरोध मार्च में हिस्सा लिया। इस दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव सहित कई विपक्षी नेता मौजूद रहे।
कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए विपक्ष की ओर से वकीलों की टीम ने याचिका दायर की। याचिकाकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR प्रक्रिया को लेकर अदालत से हस्तक्षेप की मांग की है।
याचिका में रखी गईं प्रमुख मांगें
विपक्षी दलों की ओर से दायर याचिका में कई अहम मांगें शामिल हैं। इनमें SIR से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करने, चुनाव आयोग के निर्णयों की संवैधानिक समीक्षा कराने और प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराने जैसी बातें शामिल हैं।
याचिका में कहा गया है कि SIR से संबंधित फाइलें, बैठकों का रिकॉर्ड, आपत्तियों का विवरण और तकनीकी प्लेटफॉर्म से जुड़े दस्तावेज अदालत के सामने पेश किए जाएं। साथ ही यह भी जांच हो कि पूरी प्रक्रिया संविधान और चुनाव संबंधी कानूनों के अनुरूप संचालित की गई है या नहीं।
स्वतंत्र समिति गठित करने की मांग
याचिका में सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति गठित करने का सुझाव दिया गया है। विपक्ष चाहता है कि यह समिति मतदाता सूची में किए गए बदलावों, हटाए गए नामों और चुनावी डाटा प्रबंधन प्रणालियों की समीक्षा करे।
इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से जुड़े तकनीकी पहलुओं और चुनावी प्रक्रियाओं की भी व्यापक समीक्षा कराने की मांग की गई है।
मतदाता सूची से नाम हटाने पर उठाए सवाल
याचिका में मांग की गई है कि मतदाता सूची से हटाए गए लोगों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया जाए और बिना पूर्व सूचना किसी भी नागरिक का नाम सूची से न हटाया जाए। साथ ही जिन योग्य नागरिकों के नाम हट गए हैं, उन्हें दोबारा सूची में शामिल करने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग भी की गई है।
SIR प्रक्रिया रोकने की मांग
विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि मामले में अंतिम फैसला आने तक देशभर में चल रही SIR प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाई जाए। उनका कहना है कि इससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।


