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पंजाब: ईडी की जांच के बाद पीसीए जमीन सौदे पर सियासत तेज, भाजपा ने सरकार को घेरा

पंजाब भाजपा ने पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) से जुड़े 77.99 करोड़ रुपए के जमीन घोटाले का संज्ञान लिया।

पंजाब: ईडी की जांच के बाद पीसीए जमीन सौदे पर सियासत तेज, भाजपा ने सरकार को घेरा
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चंडीगढ़। पंजाब भाजपा ने शुक्रवार को पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) से जुड़े 77.99 करोड़ रुपए के जमीन घोटाले का संज्ञान लिया।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जालंधर जोन द्वारा मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को लिखे गए एक पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने यह बात कही। पत्र में मामला दर्ज करने की मांग की गई है।

ढिल्लों ने कहा, "सरकार से जुड़ा एक और नया घोटाला सामने आया है। पीसीए अध्यक्ष और उनके बेटे आम ​​आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और वे ईडी के रडार पर हैं।"

उन्होंने कहा कि इस जमीन घोटाले ने आम आदमी पार्टी सरकार के 'पंजाब मॉडल' की पोल खोल दी है। उन्होंने बताया कि ईडी की शुरुआती जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

अमरजीत मेहता और पदमजीत मेहता के कार्यकाल के दौरान अजनाला और बठिंडा में किसानों से कम कीमत पर जमीन खरीदी गई और बाद में उसे पीसीए को 15.4 गुना ज्यादा कीमत पर बेच दिया गया।

भाजपा नेता ने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत मान को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे इसी को अपना ‘पंजाब मॉडल’ कहते हैं। उन्हें यह भी बताना चाहिए कि महज चार महीनों के भीतर जमीन की कीमतें 15 गुना कैसे बढ़ गईं।”

उन्होंने बताया कि जांच से पता चला है कि पीसीए ने अजनाला में 155 कनाल 15 मरला जमीन 58 करोड़ रुपए में, और बठिंडा में 100 कनाल 10 मरला जमीन लगभग 19.76 करोड़ रुपए में खरीदी।

कुछ महीने पहले दो कंपनियों ने किसानों से यह जमीन काफी कम कीमत पर खरीदी थी। एक कंपनी ने किसानों से 61 कनाल जमीन 2.22 लाख रुपए प्रति कनाल के हिसाब से (कुल 1.36 करोड़ रुपए में) खरीदी, और चार महीने बाद इसे पीसीए को 37.4 लाख रुपए प्रति कनाल के हिसाब से 12.03 करोड़ रुपए में बेच दिया।

उन्होंने बताया कि इसी तरह दूसरी कंपनी ने किसानों से 224 कनाल जमीन 5.56 करोड़ रुपए में खरीदी और बाद में उसे पीसीए को 46.18 करोड़ रुपये में बेच दिया। ढिल्लों ने कहा कि यह इस बात का एक और उदाहरण है कि कैसे सरकार 'पैसे के बदले फायदा' (कैश-फॉर-फेवर्स) देने वाले लेन-देन में शामिल है।

उन्होंने आगे कहा कि जिस सरकार ने क्रिकेट को बढ़ावा देने का दावा किया था, उसने अब पीसीए को किसानों का शोषण करने वाली एक फैक्ट्री में बदल दिया है।

उन्होंने सरकार से सवाल किया और मांग की कि वह बताए कि किसानों से वसूला गया पैसा कहां गया। ढिल्लों ने कहा कि भाजपा की मांग है कि मोहाली के एसएसपी इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज करें। उन्होंने एक तय समय-सीमा के भीतर जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की।


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