मध्यावधि चुनाव में हार के बाद ट्रंप का बयान, बोले- युद्ध और महंगाई का पड़ा असर; ईरान में भी दिखी प्रतिक्रिया
अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनावों के नतीजों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है कि विदेशी नीति और बढ़ती ईंधन कीमतों जैसे मुद्दों का चुनावी परिणामों पर असर पड़ा;
ट्रंप को लगा झटका, हार के बाद आर्थिक मुद्दों को ठहराया जिम्मेदार
- व्हाइट हाउस से ईरान तक चर्चा, ट्रंप की हार पर वैश्विक प्रतिक्रियाएं
वॉशिंगटन। अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनावों के नतीजों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है कि विदेशी नीति और बढ़ती ईंधन कीमतों जैसे मुद्दों का चुनावी परिणामों पर असर पड़ा। उन्होंने माना कि लंबे समय से जारी क्षेत्रीय तनाव और उसके आर्थिक प्रभावों से मतदाताओं में असंतोष देखने को मिला।
हालांकि ट्रंप ने अपनी विदेश नीति का बचाव करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसले परिस्थितियों को देखते हुए लिए गए थे और सरकार ऐसे मुद्दों पर अपना रुख बनाए रखेगी।
चुनावी नतीजों पर दी प्रतिक्रिया
चुनाव परिणाम आने के बाद ट्रंप ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने विपक्षी दल को जीत की बधाई देते हुए भविष्य में राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर सहयोग की उम्मीद भी जताई।
साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जिन नीतियों या विधेयकों से उनकी असहमति होगी, उन पर प्रशासन अपना संवैधानिक अधिकार इस्तेमाल कर सकता है।
रिपब्लिकन खेमे में मंथन
चुनाव परिणामों के बाद रिपब्लिकन पार्टी के भीतर हार के कारणों पर चर्चा शुरू हो गई है। पार्टी के कई नेताओं का मानना है कि बढ़ती महंगाई, ईंधन की कीमतें और विदेश नीति से जुड़े मुद्दे मतदाताओं के फैसले को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारणों में शामिल रहे।
राजनीतिक विश्लेषकों का भी कहना है कि आर्थिक मुद्दे इस चुनाव में मतदाताओं की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रहे।
ईरान में भी दिखी प्रतिक्रिया
अमेरिकी चुनाव परिणामों के बाद ईरान में भी इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ नेताओं और समूहों ने चुनाव नतीजों को अमेरिकी मतदाताओं के संदेश के रूप में देखा, जबकि ईरानी नेतृत्व के कुछ वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने कहा कि किसी भी देश के आंतरिक राजनीतिक बदलावों से दोनों देशों के संबंधों में तत्काल परिवर्तन की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए।
आगे की राजनीति पर नजर
मध्यावधि चुनावों के परिणामों ने अमेरिकी राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी चुनावी मुकाबलों से पहले महंगाई, ऊर्जा कीमतें, विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे फिर से केंद्र में रह सकते हैं।
फिलहाल चुनाव नतीजों के बाद दोनों प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति तय करने में जुट गए हैं और आने वाले महीनों में अमेरिकी राजनीति का रुख इन्हीं मुद्दों के आसपास घूमता दिखाई दे सकता है।