जापान की मंत्री कुनिमित्सु अयानो का कोलकाता दौरा

टोक्यो/नई दिल्ली, जापान की विदेश मामलों की राज्य मंत्री डॉ. कुनिमित्सु अयानो ने अपनी चार द‍िवसीय यात्रा के दौरान कोलकाता और पश्चिम बंगाल के अन्य हिस्सों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों में जापान-भारत संबंधों को मजबूत बनाने, पश्चिम बंगाल में जापानी निवेश बढ़ाने और लोगों के बीच आपसी संपर्क को और बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।;

By :  IANS
Update: 2026-09-15 08:34 GMT

टोक्यो/नई दिल्ली, जापान की विदेश मामलों की राज्य मंत्री डॉ. कुनिमित्सु अयानो ने अपनी चार द‍िवसीय यात्रा के दौरान कोलकाता और पश्चिम बंगाल के अन्य हिस्सों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। इन बैठकों में जापान-भारत संबंधों को मजबूत बनाने, पश्चिम बंगाल में जापानी निवेश बढ़ाने और लोगों के बीच आपसी संपर्क को और बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।

जापान के विदेश मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी बयान के अनुसार, डॉ. कुनिमित्सु ने इस साल मई में नई सरकार के गठन पर पश्चिम बंगाल सरकार को बधाई भी दी।

दोनों पक्षों ने भारत-जापान संबंधों की विभिन्न संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया और इस बात पर सहमति जताई कि दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आपसी संबंधों को और मजबूत किया जाएगा।

जापानी मंत्री ने पश्चिम बंगाल में काम कर रही जापानी कंपनियों की स्थिति का भी उल्लेख किया और राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह राज्य में जापानी निवेश को और बढ़ावा देने में सहयोग करे।

जापान के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "राज्य मंत्री कुनिमित्सु ने पश्चिम बंगाल में जापानी कंपनियों की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी और राज्य सरकार से जापानी कंपनियों के निवेश को और बढ़ावा देने के लिए सहयोग का अनुरोध किया।"

दोनों पक्षों ने यह भी तय किया कि व्यापार, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए सहयोग को और मजबूत किया जाएगा।

अपने चार दिन के दौरे के दौरान डॉ. कुनिमित्सु ने गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) का भी दौरा किया। यह भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन एक प्रमुख शिपयार्ड है। वहां उन्होंने कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुलाकात की और भारत तथा जापान के बीच रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।

जीआरएसई का यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि भारत और जापान रक्षा तथा समुद्री (मैरिटाइम) क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। जापानी पक्ष के अनुसार, बातचीत का मुख्य विषय दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाना था।

डॉ. कुनिमित्सु ने नेताजी भवन का भी दौरा किया, जो भारतीय स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को समर्पित एक संग्रहालय है। दौरे के दौरान नेताजी के एक रिश्तेदार ने उन्हें भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और सुभाष चंद्र बोस के जापान के साथ ऐतिहासिक संबंधों के बारे में जानकारी दी।

जापान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि अपने प्रवास के दौरान राज्य मंत्री ने पश्चिम बंगाल के कई अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का भी दौरा किया।

यह यात्रा ऐसे समय हुई है जब भारत और जापान अपने राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाने की तैयारी कर रहे हैं। इस अवसर को दोनों देश आर्थिक, रक्षा, पर्यटन और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के एक महत्वपूर्ण मौके के रूप में देख रहे हैं।

कोलकाता में हुई चर्चाएं यह भी दिखाती हैं कि जापान पश्चिम बंगाल के साथ अपने आर्थिक संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। खास तौर पर वह जापानी कंपनियों की भागीदारी और निवेश बढ़ाने के साथ-साथ दोनों पक्षों के लोगों और कारोबारियों के बीच संपर्क को भी विस्तार देना चाहता है।

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