जर्मनी में रूस के समर्थन पर करीब आ रही हैं एएफडी और बीएसडब्ल्यू

जर्मनी में एएफडी और बीएसडब्ल्यू रूस से शांति वार्ता और यूक्रेन को सहायता बंद करने की मांग पर एकजुट हो रही हैं.;

Update: 2026-10-16 05:40 GMT

रूस के साथ संबंध सुधारने का मुद्दा जर्मनी की दो राजनीति पार्टियों को करीब ला रहा है. धुर दक्षिणपंथी एएफडी और बीएसडब्ल्यू यह भी चाहते हैं कि यूक्रेन को सैन्य और वित्तीय सहायता जर्मनी बंद कर दे.

पूर्वी जर्मनी के सैक्सनी-अनहाल्ट राज्य असेंबली ने यूक्रेन को जर्मनी की ओर से दी जा रही सभी तरह की आर्थिक और सैन्य सहायता तुरंत बंद करने की मांग की है. एक विशेष संसदीय सत्र में इस बारे में प्रस्ताव पेश किया गया. इस प्रस्ताव को दक्षिणपंथी लोकलुभावन पार्टी ‘अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी' यानी एएफडी और ‘अलायंस फॉर सोशल जस्टिस एंड इकोनॉमिक रीजन' के समर्थन से मंजूरी मिली. बीएसडब्ल्यू आर्थिक मामलों में वामपंथी रुख रखती है, जबकि आप्रवासन के मुद्दे पर उसके विचार दक्षिणपंथी लोकलुभावन राजनीति से मेल खाते हैं.

दोनों पार्टियां सैक्सनी-अनहाल्ट के वर्तमान मुख्यमंत्री स्वेन शुल्त्से से भी मांग कर रही हैं कि वह जर्मन संसद के उच्च सदन बुंडेसराट में रूस के साथ शांति वार्ता शुरू करने की पैरवी करें. शुल्त्से मध्य-दक्षिणपंथी क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) से हैं.हालांकि जर्मनी के राज्यों के पास विदेश नीति के क्षेत्र में विशेष अधिकार नहीं हैं. जाहिर है इस प्रस्ताव का जर्मनी की यूक्रेन नीति पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा.

विधान सभा में बीएसडब्ल्यू की ओर से बोलते हुए विधायक क्लाउडिया विटिष ने मुख्यमंत्री से कार्रवाई करने की अपील की. उन्होंने कहा, "शांति के लिए काम करने के वास्ते उपलब्ध हर रास्ते का आखिरकार इस्तेमाल करना आपकी जिम्मेदारी है.” इस प्रस्ताव की बाकी सभी पार्टियों ने कड़ी आलोचना की है. सीडीयू विधायक श्टेफान रुलांड ने कहा, "जो व्यक्ति केवल हमले का शिकार हुए पक्ष से युद्धविराम की मांग करता है, वह शांति की अपील नहीं कर रहा, बल्कि आत्मसमर्पण की मांग कर रहा है.”

रूस के मुद्दे पर करीब आ रहीं एएफडी और बीएसडब्ल्यू

विशेषज्ञों का मानना है कि एएफडी और बीएसडब्ल्यू की ओर से संयुक्त प्रस्ताव पेश किया जाना, दोनों पार्टियों के बीच बढ़ते और संभवतः लंबे समय तक बने रहने वाले सहयोग का संकेत है. दोनों की वैचारिक परंपराएं एक-दूसरे से काफी अलग रही हैं.

फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड एडमिनिस्ट्रेटिव साइंसेज के राजनीति विज्ञानी आर्मिन फाल-ट्राउबर्ग ने डीडब्ल्यू से कहा, "राजनीतिक प्रतिष्ठान को खारिज करने, पुतिन के प्रति समर्थन और यूक्रेन को जर्मनी की ओर से दी जा रही सहायता की आलोचना में दोनों के बीच समानता है.”

बीएसडब्ल्यू की स्थापना 2024 में समाजवादी लेफ्ट पार्टी से अलग होकर हुई थी. इसकी संस्थापक सारा वागेनक्नेष्ट के नाम पर ही इस गठबंधन का नाम रखा गया था. वह लंबे समय तक जर्मनी के वामपंथी खेमे की एक विवादित नेता रहीं और देश की आर्थिक नीतियों में व्यापक बदलावों की वकालत करती थीं. वह लेफ्ट पार्टी के तथाकथित "कम्युनिस्ट प्लेटफॉर्म” की सबसे प्रमुख प्रतिनिधि थीं. इस समूह के रूस के साथ करीबी संबंध थे.

एएफडी ने भी कई मौकों पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की राजनीतिक व्यवस्था के प्रति समर्थन जताया है. यूक्रेन के खिलाफ रूस का युद्ध शुरू होने के कुछ ही समय बाद थुरिंजिया में एएफडी के प्रभावशाली प्रदेश अध्यक्ष ब्योर्न होके ने रूस को "स्वतंत्र और संप्रभु देशों की दुनिया का चैंपियन” बताया था.

इतिहास से मिलती-जुलती मिसालें

दोनों पार्टियों के बीच बढ़ती नजदीकी अक्टूबर की शुरुआत में हुई एक बैठक के बाद सुर्खियों में आई. एक दक्षिणपंथी प्रकाशन समूह के निमंत्रण पर एएफडी और बीएसडब्लयू के प्रतिनिधि सैक्सनी-अनहाल्ट में मिले. इस बैठक को आपसी भरोसा बढ़ाने के मकसद से आयोजित रात्रिभोज बताया गया. इसमें दक्षिणपंथी चरमपंथ और कट्टर वामपंथ से जुड़ी विवादित हस्तियां भी शामिल हुईं.

दोनों पक्षों के प्रतिभागियों के ने अपने बयानों कहा कि उन्होंने सौहार्दपूर्ण माहौल में आपसी विश्वास के साथ मिलकर काम करने की संभावनाओं पर चर्चा की.

इस कार्यक्रम के मेजबान युर्गेन एल्सेसर दक्षिणपंथी पत्रिका कॉम्पैक्ट के प्रधान संपादक हैं. वह कई वर्षों से जर्मनी के राजनीतिक व्यवस्था के विरोध में कट्टर वामपंथ और दक्षिणपंथ के बीच तथाकथित "क्रॉस-फ्रंट” गठबंधन बनाने के विचार को बढ़ावा देते रहे हैं. उन्होंने लंबे समय से दोनों धड़ों के बीच नजदीकी बढ़ाने की कोशिश की है.

हालांकि, राजनीति विज्ञानी आर्मिन फाल-ट्राउबर्ग एएफडी और बीएसडब्ल्यू के बीच सहयोग को "क्रॉस-फ्रंट” गठबंधन नहीं मानते. उन्होंने कहा, "मुझे तो यह भी यकीन नहीं है कि बीएसडब्ल्यू को अब भी राजनीतिक वामपंथ का हिस्सा माना जा सकता है.”

उनका तर्क है कि पार्टी की संस्थापक सारा वागेनक्नेष्ट की जड़ें वामपंथ में जरूर हैं, लेकिन वह और उनके सहयोगी आर्थिक मामलों में वामपंथी लेकिन सांस्कृतिक मुद्दों पर दक्षिणपंथी रुख अपनाते हैं.

क्या एएफडी और बीएसडब्ल्यू दोनों प्रतिक्रियावादी हैं?

जर्मनी के प्रमुख इतिहासकार और लेखक इल्को-साशा कोवाल्चुक भी बीएसडब्ल्यू को वामपंथी पार्टी नहीं मानते. डीडब्ल्यू से बातचीत में उन्होंने कहा, "बीएसडब्ल्यू कभी वामपंथी नहीं थी, वह हमेशा से प्रतिक्रियावादी रही है.”

कोवाल्चुक एएफडी और बीएसडब्ल्यू दोनों को लोकतंत्र के लिए खतरा मानते हैं. उन्होंने कहा, "बीएसडब्ल्यू और एएफडी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. दोनों क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति का कार्यालय) के मुखपत्र हैं, दोनों घरेलू राजनीति में मिलते-जुलते उद्देश्यों को आगे बढ़ाती हैं और दोनों राज्य को एक सत्तावादी व्यवस्था में बदलने के लिए लगभग एक जैसी अलोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाना चाहती हैं.”

सैक्सनी-अनहाल्ट की राज्य संसद में हाल ही में पारित प्रस्ताव का जर्मनी की यूक्रेन नीति पर तत्काल कोई असर पड़ने की संभावना नहीं है. हालांकि, कोवाल्चुक इसके दूरगामी प्रभावों को लेकर आगाह करते हैं.

उन्होंने कहा, "फिलहाल एएफडी और बीएसडब्ल्यू अलग-थलग हैं, लेकिन इस तरह का रुख अपनाकर वे समाज के बड़े हिस्से, खासकर पूर्वी जर्मनी में, समर्थन हासिल कर रही हैं. यूक्रेन के प्रति एकजुटता कमजोर होती रहेगी और जल्द ही इसका असर सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी और क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन, दोनों के बड़े वर्गों में भी दिखाई देगा.

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