जब धवन ने कहा: गैर अनुकूल माहौल में बहस करना मुश्किल है
उच्चतम न्यायालय में अयोध्या विवाद की 22वें दिन की आज हुई सुनवाई के दौरान एक बार फिर मुस्लिम पक्षकार ने धमकी का मामला उठाते हुए कहा कि ऐसे गैर अनुकूल माहौल में बहस करना मुश्किल हो गया
नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय में अयोध्या विवाद की 22वें दिन की आज हुई सुनवाई के दौरान एक बार फिर मुस्लिम पक्षकार ने धमकी का मामला उठाते हुए कहा कि ऐसे गैर अनुकूल माहौल में बहस करना मुश्किल हो गया है, जिस पर शीर्ष अदालत ने कहा कि धमकी जैसी गतिविधियों की वह कड़ी निन्दा करती है।
सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्षकारों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने एक बार फिर धमकी का मामला उठाया और मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ को बताया कि उनके क्लर्क को न्यायालय के बाहर धमकी दी जा रही है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के एक मंत्री के बयानों की ओर संविधान पीठ का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि मंत्री ने कहा कि अयोध्या हिंदुओं की है, मंदिर भी उनका है और सुप्रीम कोर्ट भी उनका ही है।
धवन ने कहा, “ऐसे गैर-अनुकूल माहौल में बहस करना मुश्किल हो गया है। मैं अवमानना के बाद अवमानना दायर नहीं कर सकता। हमने पहले ही 88 साल के व्यक्ति के खिलाफ अवमानना दायर की है।”
इस पर न्यायमूर्ति गोगोई ने टिप्पणी करते हुए कहा, “हम ऐसे बयानों की निंदा करते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। हम इस तरह के बयानों को हम दरकिनार करते हैं।”
संविधान पीठ में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नज़ीर शामिल हैं।