शुवेंदु अधिकारी का बड़ा कदम ममता बनर्जी पर 100 करोड़ का मानहानि मुकदमा
पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुवेंदु अधिकारी ने कोयला घोटाले आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ सौ करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर किया
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुवेंदु अधिकारी ने कोयला घोटाले आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ सौ करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर किया।
श्री अधिकारी ने इससे पहले कहा था कि अगर मुख्यमंत्री 72 घंटे के भीतर आरोपों का सबूत मांगने वाले कानूनी नोटिस का जवाब नहीं देतीं है तो वह कानूनी कार्रवाई करेंगे।
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, "ममता बनर्जी, मैं अपने वादों का सम्मान करता हूं जबकि आप मुद्दों और लोगों को गुमराह करती हैं। कथित कोयला घोटाले में मेरी संलिप्तता के आपके घटिया मनगढ़ंत आरोपों से संबंधित मानहानि नोटिस पर आपकी धोखेबाज चुप्पी आपको स्थिति को संभालने में मदद नहीं करेगी।"
उन्होंने आगे कहा, "मैंने आपको आपके धोखेबाज कारनामों के लिए अदालत में घसीटने का अपना वादा निभाया और आज आपके खिलाफ मुकदमा दायर किया।"
भाजपा नेता ने पिछले शुक्रवार को अपने वकील के माध्यम से मुख्यमंत्री को मानहानि का नोटिस भेजने के बाद न्यायालय जाने की धमकी दी थी।
श्री अधिकारी ने नोटिस में 72 घंटे के भीतर दस्तावेजी सबूत मांगे थे ताकि सुश्री बनर्जी के इस कथित दावे को साबित किया जा सके कि वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ कोयला घोटाले में शामिल थे।
उन्होंने दावा किया कि सुश्री बनर्जी की ओर से बिना किसी जवाब के तय समय सीमा समाप्त हो गई।
उन्होंने पहले पोस्ट किया था कि, "मेरी ओर से ममता बनर्जी को दिए गए मानहानि नोटिस का समय अब समाप्त हो गया है," यह कहते हुए कि उनकी चुप्पी से पता चलता है कि आरोप "मनगढ़ंत" थे।
श्री अधिकारी के अनुसार मुख्यमंत्री द्वारा की गई टिप्पणियों से उनकी छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है, जिससे उनके पास कानूनी कार्रवाई शुरू करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
यह विवाद पिछले हफ्ते बनर्जी द्वारा राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पीएसी के कार्यालयों और इसके संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी के बाद की गई टिप्पणियों के बाद शुरू हुआ।
मुख्यमंत्री ने ईडी और भाजपा पर मिलीभगत से काम करने और अपनी पार्टी की चुनावी रणनीति चुराने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कोलकाता में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान इन आरोपों को दोहराया। आई-पैक ऑपरेशन्स को लेकर ईडी के खिलाफ दो पुलिस शिकायतें दर्ज की गई हैं, वहीं केंद्रीय एजेंसी ने भी इन घटनाओं के संबंध में उच्चतम न्यायालय का रुख किया है।