शुभेंदु के निजी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या में सीबीआइ की चार्जशीट में दो भाजपाइयों के नाम भी

सीबीआइ ने 11 आरोपितों के खिलाफ अदालत में दाखिल की चार्जशीट, एक आरोपित अब भी फरार, जांच में हत्या की साजिश दिसंबर 2025 से रचे जाने और सुपारी देकर वारदात कराने का आरोप।;

Update: 2026-08-07 05:40 GMT

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कोलकाता की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच एजेंसी ने इस मामले में कुल 11 आरोपियों को नामजद किया है। CBI के अनुसार, मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इनमें दो बीजेपी कार्यकर्ता भी शामिल हैं, जिन पर हत्या की साजिश में भूमिका निभाने का आरोप है। जांच एजेंसी का दावा है कि हत्या को सुपारी किलिंग के तौर पर अंजाम दिया गया था और इसके लिए उत्तर प्रदेश के शूटरों का इस्तेमाल किया गया।

बीजेपी कार्यकर्ता भाइयों पर सुपारी देने का आरोप

CBI ने हाल ही में चंद्रनाथ रथ के कार्यालय से जुड़े बीजेपी कार्यकर्ता सागर सोनकर और उसके भाई साहिब सोनकर को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी के मुताबिक, दोनों पर आरोप है कि उन्होंने रथ की हत्या के लिए उत्तर प्रदेश के शूटरों से संपर्क किया और उन्हें सुपारी दी। अधिकारियों के अनुसार, जांच में एक अन्य राजनीतिक दल के पदाधिकारी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। CBI यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की साजिश में किन लोगों की भूमिका थी और इसके पीछे क्या राजनीतिक उद्देश्य था।

दिसंबर 2025 से रची जा रही थी हत्या की साजिश

CBI की जांच में सामने आया है कि चंद्रनाथ रथ की हत्या की योजना दिसंबर 2025 से बनाई जा रही थी। हालांकि कई कारणों से हत्या को अंजाम देने की तारीख लगातार टलती रही। जांच एजेंसी के अनुसार, रथ की हत्या को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। इसमें कई स्तरों पर लोगों की भूमिका सामने आई है, जिनमें शूटर, बिचौलिए और साजिश से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं।

अब तक छह शूटर गिरफ्तार

चंद्रनाथ रथ की हत्या विधानसभा चुनाव परिणाम आने के दो दिन बाद 6 मई को मध्यग्राम इलाके में गोली मारकर की गई थी। इसके बाद मामले की जांच तेज हुई। CBI ने अब तक छह कथित शूटरों को गिरफ्तार किया है। इनमें मोनू सिंह, राज सिंह, गोलू सिंह, मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और नवीन कुमार सिंह शामिल हैं। इसके अलावा सुपारी देने और हत्या की व्यवस्था में मदद करने वाले बिचौलियों विनय राय, संजय राय और विकास मिश्रा को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, एक आरोपी अभी भी फरार है और उसकी तलाश जारी है। पश्चिम बंगाल सरकार की सिफारिश के बाद CBI ने इस मामले की जांच राज्य पुलिस से अपने हाथ में ली थी।

कौन थे चंद्रनाथ रथ?

चंद्रनाथ रथ लंबे समय तक शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी रहे। राजनीति में आने से पहले वह भारतीय वायुसेना में कार्यरत थे। वायुसेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट क्षेत्र में काम किया और बाद में राजनीतिक प्रबंधन से जुड़े। वर्ष 2019 में जब शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री थे, उसी दौरान चंद्रनाथ रथ उनके साथ काम करने लगे। धीरे-धीरे वह अधिकारी की राजनीतिक टीम का अहम हिस्सा बन गए।

करीब दो दशक तक शुभेंदु अधिकारी के साथ किया काम

चंद्रनाथ रथ ने लगभग दो दशकों तक शुभेंदु अधिकारी के साथ काम किया। वह संगठनात्मक गतिविधियों, चुनावी रणनीति, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय और प्रचार प्रबंधन जैसी जिम्मेदारियां संभालते थे। बीजेपी में शामिल होने के बाद भी वह शुभेंदु अधिकारी की टीम में सक्रिय रहे। भवानीपुर विधानसभा चुनाव अभियान जैसे कई महत्वपूर्ण राजनीतिक अभियानों में उनकी भूमिका अहम मानी जाती थी।

राजनीतिक पृष्ठभूमि की भी हो रही जांच

जांच एजेंसी यह भी खंगाल रही है कि हत्या के पीछे राजनीतिक दुश्मनी या अन्य कारणों की क्या भूमिका रही। CBI के अनुसार, सागर सोनकर बीजेपी में शामिल होने से पहले वर्ष 2020 तक एक प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दल के विधायक के साथ काम करता था। अब जांच का फोकस हत्या की पूरी साजिश, फंडिंग, आरोपियों के बीच संपर्क और संभावित राजनीतिक कनेक्शन का पता लगाने पर है। CBI की चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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