बंगाल के पंचायत मंत्री ने जीटीए और पहाड़ी पंचायतों के लिए विशेष ऑडिट का आदेश दिया
पश्चिम बंगाल के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) और उत्तर बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों की पंचायतों में कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए विशेष ऑडिट कराने की घोषणा की।;
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष ने शनिवार को गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) और उत्तर बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों की पंचायतों में कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए विशेष ऑडिट कराने की घोषणा की।
दिलीप घोष, जो पश्चिम बंगाल भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं, ने कहा कि नई भाजपा सरकार प्रशासनिक कामकाज में भ्रष्टाचार के खिलाफ "जीरो टॉलरेंस" की नीति अपनाएगी।
उन्होंने दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी स्थित उत्तर बंगाल शाखा सचिवालय 'उत्तरकन्या' में पहाड़, तराई और डुआर्स क्षेत्रों में ग्रामीण विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान उन्होंने जीटीए और पंचायत निकायों में भ्रष्टाचार पर सख्ती से रोक लगाने का संदेश दिया।
दिलीप घोष ने कहा, "जनसेवा से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन पंचायतों और जीटीए क्षेत्रों में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं, वहां कम से कम 10 प्रतिशत पंचायतों का विशेष ऑडिट कराया जाएगा। नए जीटीए प्रमुख और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय कर बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करने का काम चल रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में करीब 11,000 रिक्त पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है, ताकि सेवाएं सुचारु रूप से चलती रहें।"
उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने विकास के लिए सत्ता परिवर्तन किया है और नई सरकार के कामकाज से संतुष्ट है।
दिलीप घोष ने दावा किया कि अगले महीने पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों में यह संतुष्टि चुनाव परिणामों में दिखाई देगी और दोनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवार भारी अंतर से जीत दर्ज करेंगे।