आधार कार्ड से जुड़ेगी अब अंकसूची,यूजीसी का फरमान, फर्जी मार्कशीट पर लगेगी लगाम

बिलासपुर ! यूजीसी के नए आदेश के बाद से अब सभी विश्वविद्यालयों में छात्रों के आधार कार्ड नंबर से डाटा तैयार किया जाएगा। अब नए मार्कशीट आधार कार्ड से लिंक होंगे।;

Update: 2017-01-21 03:30 GMT

बिलासपुर !  यूजीसी के नए आदेश के बाद से अब सभी विश्वविद्यालयों में छात्रों के आधार कार्ड नंबर से डाटा तैयार किया जाएगा। अब नए मार्कशीट आधार कार्ड से लिंक होंगे। बिलासपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.जी.डी शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय में इसकी शुरूआत कर दी गई है। छात्रों के फार्म के साथ-साथ आधार कार्ड की प्रतिलिपि भी मंगाई जा रही है। जिससे विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं का डाटा आधार कार्ड से लिंक होगा। इसके लिए बिलासपुर विश्वविद्यालय में व्यवस्था शुरू कर दी गई है। इस सिस्टम से फर्जी मार्कशीट पर लगाम लगाया जा सकेगा।
विश्वविद्यालय में अब इस सत्र के जो भी अंकसूची बनाई जाएगी वह आधार कार्ड के नंबर से हुड़ी रहेगी। वहीं छात्र-छात्राओं की पूरी जानकारी आधार कार्ड के नम्बर से जुड़े रहेंगे। जिससे विश्वविद्यालय के परीक्षार्थियों की सारी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड रहेगी और इस सिस्टम से अब डुप्लीकेट मार्कशीट पर रोक लगेगी। यूजीसी ने फर्जी मार्कशीट पर रोक लगाने हेतु इस सिस्टम की शुरूआत की है, ताकि फर्जी तरीके से बन रही अंकसूची पर रोक लग सके। अभी विश्वविद्यालयों में जो मार्कशीट बनती है उसमें छात्र-छात्राओं के फोटो लगे होते हैं लेकिन उसके बाद भी डुप्लीकेट अंकसूची स्केन कर फर्जीवाड़े द्वारा बना ली जाती है। इससे पहले जो विश्वविद्यालयों में अंकसूची बनाई जाती थी जिसमें परीक्षार्थी के परिचय पत्र सहित पूरी जानकारी होती थी। बाद में अंकसूची में फोटो भी लगाने लगा। ज्ञात हो कि बिलासपुर विश्वविद्यालय के 2016-17 मुख्य परीक्षा के फार्म अपलाइन भरे जा रहे हैं जिसमें परीक्षार्थियों के द्वारा फार्म भरने के समय कई गलतियां पाई जा रह है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि आनलाइन परीक्षा फार्म भरने में हो रही गलतियां पहले ही उजागर हो जा रही है। जिसको सुधार लिया जा रहा है। इसके पहले सत्र तक ऑफलाइन आवेदन फार्म जमा करने से त्रुटियां होती थी जो कि सीधे प्रवेश पत्र आने के समय ही पता चल पाती थी जिससे विश्वविद्यालय को एक्जाम समय में सुधारने तथा अन्य व्यवस्थाओं में परेशानी होती थी। साथ ही छात्रों को भी परीक्षा समय में भटकना पड़ता था। आनलाइन सिस्टम से बाद में होने वाली गलतियां सुधर रही है।

हेल्प डेस्क
बिलासपुर यूनिवर्सिटी में आनलाइन परीक्षा फार्म भर रहे परीक्षार्थियों की हो रही त्रुटियां के चलते विश्वविद्यालय प्रशासन ने हेल्प डेस्क लगाया है जिसमें छात्र-छात्राओं के परीक्षा फार्म व अन्य त्रुटियों से संबंधित जानकारियां दी जा रही है। तथा उसको सुधारा जा रहा है। विश्वविद्यालय भवन में सभी संकायों के लिए अलग-अलग काउंटर बनाये गये हैं। जिसमें संबंधित संकाय से जुड़े परीक्षार्थी जाकर सुधार कर सके तथा जो दस्तावेज अधूरे है उसे जमा कर सकते हैं। परीक्षार्थियों के परीक्षा फार्म में हो रही गलतियों को संज्ञान में लेते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने यह व्यवस्था शुरू की है।
एक लाख 80 हजार परीक्षार्थी
विश्वविद्यालय की इस सत्र होने वाली मुख्य परीक्षा में नियमित व स्वाध्यायी मिलाकर लगभग एक लाख 80 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे। आनलाइन पद्धति से भराये जा रहे फार्म में अब तक 60 फीसदी परीक्षा फार्म भराये जा चुके हैं। वहीं विश्वविद्यालय द्वारा मुख्य परीक्षा के लिए अंतरिम समय-सारिणी भी जारी कर दी गई है। 30 जनवरी को विश्वविद्यालय में प्राचार्यों, केन्द्राध्यक्षों की बैठक रखी गई है। जिसमें परीक्षा से संबंधित व समय सारिणी से जुड़ी चर्चा की जाएगी, व इस बैठक के बाद आगे परीक्षा से जुड़ी अन्य जानकारी दी जायेगी।
फर्जी अंकसूची पर लगेगी रोक
यूजीसी का नया आदेश आया है जिससे अब छात्रों के आधार कार्ड से डाटा को लिंकअप किया जाएगा। अब जो नई अंकसूची बनेगी उसमें उस परीक्षार्थी का आधार कार्ड नम्बर रहेगा। इस सिस्टम से फर्जी अंकसूची पर रोक लगेगी। विश्वविद्यालय में परीक्षार्थियों के फार्म में हो रही त्रुटियों के लिए अलग-अलग संकायों के लिए हेल्प डेस्क बनाए गए हैं।
प्रो.जी डी शर्मा
कुलपति
बिलासपुर विश्वविद्यालय

 

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