शोपियां में लश्कर का टॉप कमांडर जाकिर गनी ढेर, मुठभेड़ के चार दिन बाद मिला शव

जम्मू-कश्मीर के शोपियां में लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर जाकिर गनी का शव मुठभेड़ के चार दिन बाद बरामद हुआ। सुरक्षा बलों ने हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किए।;

Update: 2026-07-08 05:14 GMT
शोपियां। जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षा बलों को आतंकवाद के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता मिली है। लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के शीर्ष कमांडर और पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े बताए जा रहे जाकिर गनी का शव मुठभेड़ के चार दिन बाद बरामद किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने शनिवार को शुरू किए गए आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान आतंकियों को घेर लिया था। इसके बाद इलाके में लगातार तलाशी अभियान चलाया गया, जिसके दौरान मंगलवार को एक शव और हथियार बरामद हुए।

वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, शोपियां के जिस इलाके में ऑपरेशन चलाया गया था, वहां से एक अज्ञात शव मिलने के बाद उसकी पहचान जाकिर गनी के रूप में हुई। अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान गोलीबारी की आवाजें सुनाई दी थीं, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की थी। मुठभेड़ के बाद इलाके की घेराबंदी कर व्यापक सर्च ऑपरेशन जारी रखा गया।

हथियार और गोला-बारूद भी बरामद

सुरक्षा बलों ने शव के साथ हथियार, गोला-बारूद और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है। बरामद सामग्री की जांच की जा रही है ताकि आतंकी नेटवर्क और उसके सहयोगियों के बारे में और जानकारी जुटाई जा सके। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से दक्षिण कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

आतंकियों का अहम ठिकाना रहा है शोपियां

शोपियां जिला लंबे समय से लश्कर-ए-तैयबा और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) जैसे आतंकी संगठनों की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता रहा है। यह इलाका दक्षिण कश्मीर को पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर स्थित है, जिसके कारण आतंकी संगठन इसे ट्रांजिट कॉरिडोर के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश करते रहे हैं।

घने सेब के बाग, जंगल और पहाड़ी भूभाग आतंकियों को छिपने और सुरक्षा बलों से बचने में मदद करते रहे हैं। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां इस क्षेत्र में लगातार अभियान चलाकर आतंकियों के नेटवर्क को खत्म करने की रणनीति पर काम कर रही हैं।

सुरक्षा बलों का अभियान लगातार जारी

पिछले कुछ वर्षों में शोपियां और आसपास के क्षेत्रों में आतंकियों द्वारा सुरक्षा बलों, स्थानीय नागरिकों और अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बनाने की कई घटनाएं सामने आई हैं। इन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और विक्टर फोर्स संयुक्त रूप से लगातार ऑपरेशन चला रही हैं।

अधिकारियों का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और क्षेत्र में सक्रिय बचे हुए आतंकियों की तलाश के लिए सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य घाटी में आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर शांति व्यवस्था को मजबूत करना है।

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