उत्तराखंड कांग्रेस का ऐलान- मनरेगा नाम बदलने के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस ने मनरेगा का नाम बदले जाने पर प्रदेश भर में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है

Update: 2026-01-08 18:13 GMT

कुमारी सैलजा बोलीं- यह सिर्फ नाम नहीं, ग्रामीण अधिकारों पर हमला

  • 10 जनवरी से चरणबद्ध आंदोलन, जिलों में प्रेस कांफ्रेंस और अनशन की तैयारी
  • खड़गे-राहुल के पत्र पहुँचेंगे गाँव-गाँव, बताएंगे रोजगार अधिकार छीनने की सच्चाई
  • विधानसभा घेराव तक का कार्यक्रम तय, ‘मनरेगा बचाओ’ बनेगा बड़ा जनसंघर्ष

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस ने मनरेगा का नाम बदले जाने पर प्रदेश भर में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है।

पार्टी की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि केंद्र की सरकार मनरेगा की आत्मा को खत्म करना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ नाम बदलने का मुद्दा नहीं है बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकारों को खत्म करने की साजिश है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में सांसद राहुल गांधी व पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यसमिति एक बैठक हुई थी, जिसमें फैसला लिया गया था कि यूपीए के समय में देश के लिए और गरीब लोगों के लिए दुनिया का एकमात्र पाथ ब्रेकिंग कार्यक्रम लागू किया गया था, उसे केंद्र की मोदी सरकार खत्म करना चाहती है।

यह कार्यक्रम मनरेगा तब शुरू हुआ, तब यह ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी देने का बड़ा कार्यक्रम हुआ करता था। मनरेगा ने करोड़ों लोगों को गरीबी से बचाया, और उनके हाथों में काम दिया। कोविड जैसी महामारी के समय में लोग मनरेगा से बच पाए और उन्हें रोजगार के अवसर मिले।

उन्होंने कहा कि इसके विरोध में पूरे प्रदेश में 10 जनवरी से चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा। 10 जनवरी को प्रत्येक जिले में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की जाएगी, और मनरेगा का नाम बदले जाने की सच्चाई बताई जाएगी।

11 जनवरी को कांग्रेस पार्टी महात्मा गांधी व डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा मे माल्यार्पण करके जिला स्तर पर एक दिन का अनशन रखेगी, इस अनशन में पार्टी के सभी नेता व मनरेगा से जुड़े ग्रामीणों को भी सम्मिलित किया जाएगा। उसके पश्चात 29 जनवरी तक पंचायत स्तर पर गांवों में लोगों के बीच चौपाल लगाई जाएगी, कांग्रेस जन बड़े पैमाने पर जन जन तक पहुंच कर इस योजना की खामियां गिनाएंगे।

इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के पत्रों को ग्राम प्रधानों,पूर्व प्रधानों, रोजगार सेवकों और आम लोगों को पहुंचाएंगे और उन्हें बताएंगे कि केंद्र की सरकार किस तरह उनके रोजगार के अधिकार को छीन रही है।

30 जनवरी को शहीदी दिवस के मौके पर शांतिपूर्ण तरीके से धरना देकर अमन, चैन शांति और काम करने के अधिकार का संदेश दिया जाएगा।

इसी तरह 31 जनवरी से छह फरवरी तक कांग्रेस हर जिला मुख्यालयों मनरेगा बचाओ धरना देने जा रही है। सात फरवरी से 15 फरवरी के मध्य तिथि तय करके कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा घेराव का निर्णय लिया है।

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