किसान आत्महत्या केस में आरोपियों को हाईकोर्ट से मिली अंतरिम राहत
उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने ऊधम सिंह नगर जिले के बहुचर्चित किसान आत्महत्या मामले में आरोपियों को अंतरिम राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी
नैनीताल हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक पुलिस जांच में सहयोग का आदेश
- सुखवंत आत्महत्या मामले में 26 पर मुकदमा 6 आरोपी पहुंचे अदालत
नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने ऊधम सिंह नगर जिले के बहुचर्चित किसान आत्महत्या मामले में आरोपियों को अंतरिम राहत देते हुए शुक्रवार को उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। इसके साथ ही उन्हें पुलिस जांच में सहयोग करने के निर्देश दिये हैं।
सुखवंत आत्महत्या मामले में आरोपी कुलविंदर सिंह और पांच अन्य लोगों की याचिका पर आज शीतकालीन बेंच में सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की अदालत ने देर शाम को जारी अपने आदेश में याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए जांच जारी रहने के निर्देश दिये हैं।
साथ ही याचिकाकर्ताओं को भी पुलिस जांच में सहयोग करने को कहा है। यह भी कहा है कि पुलिस जब भी आरोपियों को थाना बुलायेगी, उन्हें पेश होना होगा। इसके साथ ही अदालत ने निजी पक्षकार को नोटिस जारी किया है। साथ ही प्रतिवादियों को तीन सप्ताह में आपत्ति दर्ज करने को कहा है।
मामले की अनुसार ऊधम सिंह नगर निवासी किसान सुखवंत सिंह ने विगत 10 जनवरी की रात को गोली मार कर आत्महत्या कर ली थी। हत्या का आरोप ऊधम सिंह नगर पुलिस और काशीपुर के 26 निजी लोगों पर मढ़ा था।
मृतक की ओर से वीडियो जारी कर कहा गया कि उसके साथ आरोपियों द्वारा भूमि खरीदने के नाम पर चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गयी है। इसके साथ ही जब पुलिस से शिकायत की गयी, तो उसकी मदद करने के बजाय उसका उत्पीड़न किया गया।
इस प्रकरण के प्रकाश में आने के बाद पुलिस ने 12 जनवरी को मृतक के भाई की शिकायत पर 26 आरोपियों के खिलाफ आईटीआई थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 और 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया था।
इनमें से 06 आरोपियों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाते हुए उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग अदालत से की थी।