UP News: ‘जीजा ने सच में नहीं सपने में छेड़ा था', साली के यू-टर्न से सात साल बाद एयरफोर्स कर्मी बरी; जानें क्या है मामला
एयरफोर्स कर्मी जीजा पर छेड़खानी का आरोप लगाने वाली नाबालिग साली कोर्ट में मुकर गई। कहा कि जीजा ने सच में नहीं, सपने में छेड़खानी की थी। मुझे भ्रम हो गया था।
कानपुर : UP News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में सात साल पहले दर्ज हुए एक छेड़खानी के मामले में अदालत ने भारतीय वायुसेना के एक कर्मी को दोषमुक्त करार दिया है। एयरफोर्स कर्मी जीजा पर छेड़खानी का आरोप लगाने वाली नाबालिग साली कोर्ट में मुकर गई। कहा कि जीजा ने सच में नहीं, सपने में छेड़खानी की थी। मुझे भ्रम हो गया था। इस पर अदालत ने सात साल पहले दर्ज मुकदमे में एयरफोर्स कर्मी को दोषमुक्त करार दिया। इस मामले में एयरफोर्स कर्मी को 19 दिन जेल में रहना पड़ा था। इस समय उसकी तैनाती पुणे में है।
क्या था मामला
जानकारी के अनुसार,कानपुर के बिठूर निवासी एयरफोर्स कर्मी का विवाह 10 फरवरी 2019 को बिधनू की युवती से हुआ था। 13 फरवरी को एयरफोर्स कर्मी चौथी में पत्नी को लेने ससुराल गया तो 15 वर्षीय साली भी उसके साथ आ गई। आठ मार्च 2019 की रात साली जोर-जोर से चिल्लाने लगी। बहन कमरे में पहुंची तो साली ने आरोप लगाया कि जीजा ने उसके साथ छेड़छाड़ की है। बहन ने कानपुर पुलिस बुला ली। पारिवारिक मामला होने पर पहले तो समझौते की कोशिश हुई पर बात न बनने पर पिता ने तीन अगस्त 2019 को नौबस्ता थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी। 29 सितंबर 2019 को एयरफोर्स कर्मी की गिरफ्तारी हो गई और 19 दिन जेल में रहने के बाद 17 अक्टूबर 2019 को जमानत पर उसकी रिहाई हुई।
कोर्ट में दी सफाई
इस बारे में जानकारी देते हुए अधिवक्ता करीम अहमद सिद्दीकी ने बताया कि अपर जिला जज की कोर्ट में साली बयान देने में मुकर गई। उसने कहा कि वह दवा खाकर सोई थी। उसे भ्रम हो गया था। ऐसा सपना देखा था कि जीजा छेड़खानी कर रहे हैं। इसके बाद वह जोर-जोर से चिल्लाने लगी थी। पीड़िता की बड़ी बहन और पिता ने भी एयरफोर्स कर्मी के खिलाफ भ्रमवश मुकदमा लिखाने की बात न्यायालय में कहीं। गवाहों के बयान और कोई ठोस सुबूत न होने के कारण न्यायालय ने सात मार्च को एयरफोर्स कर्मी को दोषमुक्त करार दिया।