लखनऊ में रोंगटे खड़े करने वाली वारदात: पिता ने अपनी बेटी की हत्या कर किए टुकड़े, बहन और बहनोई भी साजिश में शामिल!
उत्तर प्रदेश के लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर 17 मई को छपरा-गोमती एक्सप्रेस के स्लीपर कोच की एस1 बोगी में एक सीट के नीचे बक्से में बंद एक किशोरी का शव मिला था। इसकी सूचना मिलने पर पहुंची राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने बक्सा खुलवाया तो उसमें 6 टुकड़ों में किशोरी का शव पाया गया, लेकिन उसमें सिर नहीं था।;
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर 17 मई को छपरा-गोमती एक्सप्रेस के स्लीपर कोच की एस1 बोगी में एक सीट के नीचे बक्से में बंद एक किशोरी का शव मिला था। इसकी सूचना मिलने पर पहुंची राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने बक्सा खुलवाया तो उसमें 6 टुकड़ों में किशोरी का शव पाया गया, लेकिन उसमें सिर नहीं था।
घटना के खुलासा के लिए पुलिस ने तीन टीमों का गठन किया। जांच के दौरान पुलिस ने कुशीनगर जिले के तमकुही रेलवे स्टेशन से सीसीटीवी को खंगाला, तो उनको हत्या से जुड़ा एक ऐसा सुराग मिला, जिसके माध्यम से पुलिस हत्यारों तक पहुंची। जांच में पुलिस ने मृतिका, 16 वर्षीय शब्बा की हत्या के मामले में उसी के पिता विग्गन अंसारी (44 वर्ष), उसकी बहन नूरजहां (55 वर्ष) और बहनोई मोजीबुल्ला अंसारी (65 वर्ष) को गिरफ्तार किया है।
मामले को लेकर एसपी रेलवे रोहित मिश्रा ने बताया कि तीनों लोगों को कुशीनगर जिले से अरेस्ट किया गया है, जिनके पास से हत्या से जुड़े अहम सुराग बरामद हुए हैं। पुलिस ने बताया कि मृतिका शब्बा का किसी से प्रेम प्रसंग था, जिसके चलते उसके पिता ने अपनी ही बेटी को अपनी बहन और बहनोई के साथ मिलकर मौत के घाट उतारा और फिर कई टुकड़ों में काट डाला।
एसपी ने आगे बताया कि पुलिस अभी भी मृतिका के सिर की तलाश में कुशीनगर जिले और बिहार बॉर्डर पर सर्च ऑपरेशन चला रही है। उन्होंने बताया कि हत्यारे पिता की दो और बड़ी बेटियां हैं, जिन्होंने अपनी इच्छा और पसंद के अनुसार शादी परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर की है, जिससे उनका पिता हमेशा दुखी रहता था।
वहीं, उनकी छोटी बेटी भी किसी से फोन पर बात किया करती थी, जिसको लेकर उसने बेटी को कई बार मना किया था। इसको लेकर घर में बात-विवाद का माहौल और तनाव रहता था। इन्हीं कारणों की वजह से पिता ने अपनी नाबालिग बेटी को अपने ही हाथों मौत के घाट उतार दिया। हालांकि, पुलिस आगे की कार्रवाई और जांच में जुटी है।