UP News: सास के अंतिम संस्कार में पहुंचे दामाद को सरयू में खींच ले गया मगरमच्छ
बुधवार को सरयू नदी किनारे अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। परिवार और रिश्तेदार घाट पर मौजूद थे। दीपक भी अंतिम संस्कार की व्यवस्था में जुटा हुआ था। वह नदी किनारे चिता को व्यवस्थित करने के लिए लकड़ी का खूंटा गाड़ रहा था और जमीन खोदने का काम कर रहा था।;
गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक बेहद दुखद और भयावह घटना सामने आई है। यहां अपनी सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए एक युवक को सरयू नदी में मगरमच्छ ने हमला कर पानी में खींच लिया। घटना के बाद घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों ने युवक को बचाने की कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ की ताकत और नदी के तेज बहाव के आगे कोई कुछ नहीं कर सका। यह हादसा उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र के सनौली मोहम्मदपुर उदयभान पाही घाट पर बुधवार दोपहर करीब 12 बजे हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। युवक की तलाश के लिए स्थानीय गोताखोरों को लगाया गया, जबकि अब एसडीआरएफ की टीम भी रेस्क्यू अभियान में जुटने वाली है।
कैंसर से हुई थी सास की मौत
जानकारी के मुताबिक, डीहा गांव निवासी बाबूलाल वर्मा के परिवार में पहले ही उनके बेटे लालचंद्र का निधन हो चुका था। परिवार में उनकी बहू उर्मिला ही थीं, जिनकी मंगलवार को कैंसर के कारण मौत हो गई। उर्मिला की बेटी रेखा की शादी करीब पांच साल पहले ग्रेटर नोएडा निवासी दीपक से हुई थी। 30 वर्षीय दीपक नोएडा की एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। उसकी चार साल की बेटी निक्की भी है। सास के निधन की खबर मिलने के बाद दीपक अपनी पत्नी और बेटी के साथ गोंडा पहुंचा था ताकि अंतिम संस्कार में शामिल हो सके।
चिता की तैयारी कर रहा था दीपक
बुधवार को सरयू नदी किनारे अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। परिवार और रिश्तेदार घाट पर मौजूद थे। दीपक भी अंतिम संस्कार की व्यवस्था में जुटा हुआ था। वह नदी किनारे चिता को व्यवस्थित करने के लिए लकड़ी का खूंटा गाड़ रहा था और जमीन खोदने का काम कर रहा था। काम खत्म होने के बाद दीपक हाथ और मुंह धोने के लिए नदी के किनारे पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थानीय लोगों ने उसे उस स्थान पर जाने से मना किया था क्योंकि वहां पहले भी मगरमच्छ देखे जाने की बात कही जाती रही थी। इसके बावजूद वह पानी के करीब चला गया।
अचानक पानी से निकला मगरमच्छ
बताया जा रहा है कि जैसे ही दीपक पानी के पास झुका, उसी दौरान नदी के भीतर से एक विशाल मगरमच्छ तेजी से बाहर आया। मगरमच्छ ने सीधे दीपक के सिर को अपने जबड़ों में दबोच लिया और कुछ ही सेकंड में उसे पानी के अंदर खींच ले गया। घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया और उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन कोई भी नदी में उतरने की हिम्मत नहीं कर सका। घटना इतनी अचानक हुई कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई घटना की दास्तान
घटना के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मगरमच्छ के हमला करते ही उन्होंने दौड़कर दीपक को पकड़ने की कोशिश की थी। हालांकि मगरमच्छ की ताकत इतनी ज्यादा थी कि वह युवक को छुड़ा नहीं सके। उन्होंने बताया कि खुद उनका संतुलन बिगड़ गया था और वह भी पानी में गिरते-गिरते बचे। वहीं एक अन्य युवक अमन ने बताया कि दीपक को लगातार सावधान किया जा रहा था कि उस तरफ खतरा है, लेकिन हाथ धोने के लिए जैसे ही वह नीचे झुका, मगरमच्छ ने हमला कर दिया। दीपक के दादा ससुर बाबूलाल वर्मा ने रोते हुए कहा कि परिवार पहले ही एक मौत के सदमे में था और अब यह दूसरी बड़ी त्रासदी सामने आ गई। उन्होंने कहा कि मगरमच्छ के डर से कोई भी पानी में नहीं उतर पाया।
प्रशासन ने शुरू किया रेस्क्यू अभियान
घटना की सूचना मिलते ही उमरी बेगमगंज पुलिस, एसडीएम तरबगंज और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में तलाश अभियान शुरू किया गया, लेकिन देर शाम तक दीपक का कोई पता नहीं चल सका। जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि अब लखनऊ से एसडीआरएफ की विशेष टीम को बुलाया गया है, जो आधुनिक उपकरणों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाएगी। प्रशासन ने यह भी घोषणा की है कि युवक का शव मिलने और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यदि शव बरामद नहीं होता है, तो शासन से विशेष अनुमति लेकर सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।