यूपी बजट सत्र: पहले दिन से हंगामा, विपक्ष ने राज्यपाल के अभिभाषण पर किया विरोध

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र 2026-27 सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ

Update: 2026-02-09 07:43 GMT

सपा-कांग्रेस का हंगामा, यूपी बजट सत्र की शुरुआत गरमाई

  • राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष का शोर, सदन में गूंजे नारे
  • यूपी विधानसभा में बजट सत्र की शुरुआत हंगामेदार, विपक्ष ने सरकार को घेरा
  • पहले दिन से गरमाया यूपी बजट सत्र, राज्यपाल की टिप्पणी पर बढ़ी हलचल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र 2026-27 सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। लेकिन पहले ही दिन सदन का माहौल गरमा गया। समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के विधायकों ने सरकार की नीतियों और उपलब्धियों पर सवाल उठाते हुए जमकर हंगामा किया।

राज्यपाल ने जब विपक्षी दलों की लगातार नारेबाजी पर नाराज़गी जताई तो सदन में हलचल और बढ़ गई। उन्होंने कहा, “आप लोगों के समय में यह जीरो था जीरो। पांच-सात सालों से आप लोग बस हंगामा ही कर रहे हैं। आगे भी आपका जीरो ही रहने वाला है।”

राज्यपाल की इस टिप्पणी पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना जोर से हंसते दिखे, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सत्ता पक्ष के विधायक मेज थपथपाकर समर्थन जताने लगे।

विपक्ष का प्रदर्शन और मुद्दे

सत्र शुरू होने से पहले ही सपा और कांग्रेस विधायकों ने विधानभवन परिसर में प्रदर्शन किया। सपा विधायक जाहिद बेग नारे लिखी तख्तियां लेकर सदन पहुंचे और लगातार नारेबाजी करते रहे।

विपक्ष ने जिन मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की, उनमें शामिल रहे:

  • मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में गड़बड़ी
  • किसानों की बदहाली
  • महिला सुरक्षा
  • बेरोजगारी और महंगाई
  • कानून-व्यवस्था
  • वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर तोड़फोड़
  • कोडीन कफ सिरप की तस्करी

सपा की रणनीति

सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में हुई विधायक दल की बैठक में तय हुआ कि सदन के भीतर और बाहर सरकार को घेरने के लिए आक्रामक रुख अपनाया जाएगा। ‘गो बैक’ के नारे लगाने की तैयारी भी की गई।

अखिलेश यादव ने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील पर तंज कसते हुए कहा कि “यह ट्रेड डील नहीं, ढील है। इससे किसान और छोटे उद्योग संकट में आ जाएंगे।”

सरकार की तैयारी

दूसरी ओर भाजपा ने भी विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए रणनीति बनाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायकों को सत्र में नियमित उपस्थिति और तथ्यों के साथ जवाब देने के निर्देश दिए।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि 11 फरवरी को पेश होने वाले बजट का गहन अध्ययन किया जाए, ताकि विपक्ष के सवालों का मजबूती से जवाब दिया जा सके।

आगे का कार्यक्रम

  • मंगलवार को दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
  • बुधवार को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा।
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