प्रतीक-अपर्णा यादव विवाद का पटाक्षेप, सोशल मीडिया पोस्ट से दिया ‘सब ठीक है’ का संदेश
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत 19 जनवरी को हुई थी, जब प्रतीक यादव ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से लगातार दो पोस्ट साझा कर अपनी पत्नी अपर्णा यादव पर गंभीर आरोप लगाए थे। इन पोस्टों में उन्होंने वैवाहिक जीवन में गंभीर मतभेद होने की बात कही थी और यहां तक संकेत दिया था कि वह जल्द तलाक लेने जा रहे हैं।
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे दत्तक पुत्र प्रतीक यादव और उनकी पत्नी, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के बीच रिश्तों में आई कथित दरार को लेकर पिछले नौ दिनों से चल रही चर्चाओं पर अब विराम लग गया है। बुधवार को प्रतीक यादव ने सोशल मीडिया पर लगातार तीन पोस्ट साझा कर यह स्पष्ट किया कि उनके वैवाहिक जीवन में अब सब कुछ सामान्य है। उन्होंने न केवल विवाद के खत्म होने की पुष्टि की, बल्कि आलोचकों और अफवाह फैलाने वालों पर भी तीखा हमला बोला।
सुलह का संदेश
बुधवार को प्रतीक यादव ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर सबसे पहले अपर्णा यादव के साथ एक साझा तस्वीर पोस्ट की। इसके साथ उन्होंने लिखा, “सब ठीक है। चैंपियन वो होते हैं जो अपनी निजी और पेशेवर समस्याओं को खत्म कर देते हैं। हम लोग एक चैंपियन परिवार हैं।” यह पोस्ट कुछ ही देर में चर्चा का विषय बन गई और इसे रिश्तों में आई खटास के खत्म होने के संकेत के रूप में देखा गया। खास बात यह रही कि यही तस्वीर और संदेश अपर्णा यादव ने भी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से साझा किया, जिससे सुलह की बात और मजबूत हो गई।
‘जलने वालों को करारा जवाब’
प्रतीक यादव यहीं नहीं रुके। उन्होंने इसके बाद एक और पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने आलोचकों और कथित साजिशकर्ताओं पर सीधा हमला बोला। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि कुछ लोग दूसरों की खुशियों से जलते हैं और उसी जलन में नफरत फैलाते हैं। उन्होंने लिखा कि ऐसे लोग दूसरों की खुशी देखकर मानसिक पीड़ा से गुजरते हैं और वही उनकी सजा है। इस बयान को प्रतीक की तरफ से उन तमाम लोगों के लिए जवाब माना जा रहा है, जिन्होंने इस पारिवारिक विवाद को राजनीतिक और व्यक्तिगत स्तर पर हवा दी। इसके अलावा प्रतीक यादव ने एक वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नकारात्मक सोच रखने वालों को “भाड़ में जाने” देना चाहिए। यह वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ।
विवाद की शुरुआत: 19 जनवरी की पोस्ट
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत 19 जनवरी को हुई थी, जब प्रतीक यादव ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से लगातार दो पोस्ट साझा कर अपनी पत्नी अपर्णा यादव पर गंभीर आरोप लगाए थे। इन पोस्टों में उन्होंने वैवाहिक जीवन में गंभीर मतभेद होने की बात कही थी और यहां तक संकेत दिया था कि वह जल्द तलाक लेने जा रहे हैं। इन बयानों के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हड़कंप मच गया था। चूंकि अपर्णा यादव एक सक्रिय राजनीतिक चेहरा हैं और वर्तमान में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष भी हैं, इसलिए यह मामला केवल निजी न रहकर सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया।
अपर्णा यादव का पलटवार
प्रतीक यादव के आरोपों के कई दिन बाद अपर्णा यादव ने सामने आकर स्थिति स्पष्ट की थी। उन्होंने कहा था कि उनके और उनके पति के बीच सब कुछ ठीक है और रिश्तों में दरार की खबरें बेबुनियाद हैं। अपर्णा यादव ने यह भी आरोप लगाया था कि कुछ लोग सुनियोजित तरीके से उनके वैवाहिक रिश्ते को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया था कि ऐसे लोगों की पहचान कर ली गई है और सही समय आने पर उन्हें सार्वजनिक रूप से सामने लाया जाएगा। अपर्णा के इस बयान के बाद मामला और पेचीदा हो गया था। एक तरफ प्रतीक के पुराने आरोप थे, तो दूसरी तरफ अपर्णा की साजिश की बात जिससे भ्रम की स्थिति बनी रही।
नौ दिनों तक सुर्खियों में रहा मामला
यह विवाद करीब नौ दिनों तक लगातार मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में बना रहा। समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं, समर्थकों और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच भी इस बात को लेकर कयास लगाए जाते रहे कि यह पारिवारिक विवाद कहीं पार्टी की छवि या आंतरिक समीकरणों को प्रभावित न कर दे। हालांकि समाजवादी पार्टी नेतृत्व की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई थी, लेकिन अंदरखाने यह माना जा रहा था कि यादव परिवार के स्तर पर मामला सुलझाने की कोशिशें चल रही हैं।
राहत की सांस
बुधवार को आए सोशल मीडिया पोस्ट के बाद यह साफ हो गया कि पति-पत्नी के बीच चल रहा विवाद फिलहाल समाप्त हो चुका है। दोनों की ओर से साझा पोस्ट और ‘सब ठीक है’ का संदेश इस बात का संकेत है कि उन्होंने निजी मतभेदों को सार्वजनिक मंच से दूर रखने का फैसला किया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सुलह न केवल परिवार के लिए भी राहत की बात है। एक लंबे समय तक सार्वजनिक विवाद बने रहने से राजनीतिक नुकसान की आशंका बनी रहती है।
सोशल मीडिया और निजी रिश्ते
यह पूरा प्रकरण एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करता है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों के निजी रिश्ते किस तरह सोशल मीडिया के जरिए सार्वजनिक बहस का हिस्सा बन जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर भावनात्मक प्रतिक्रियाएं कभी-कभी विवाद को और बढ़ा देती हैं, जैसा कि इस मामले में भी देखने को मिला।
विवाद के बाद सुलह
प्रतीक यादव और अपर्णा यादव के बीच चल रहा विवाद अब समाप्त होता दिख रहा है। सोशल मीडिया के जरिए दिए गए संदेशों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दोनों ने मतभेदों को पीछे छोड़ने का फैसला किया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि आगे दोनों इस प्रकरण से सबक लेकर अपने निजी जीवन को सार्वजनिक मंच से कितना दूर रखते हैं। फिलहाल, इस विवाद के शांत होने से राजनीतिक और पारिवारिक दोनों मोर्चों पर राहत का माहौल है।