राजभर का अखिलेश पर हमला, बोले ‘तिलचट्टों’ के सहारे सत्ता में लौटने का सपना देख रही सपा
लखनऊ, 4 सितंबर (आईएएनएस)। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव अभिजीत नक्षत्र में दीपक जलाकर सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब उन्हें अपने राजनीतिक अभियान के लिए ‘तिलचट्टों’ का सहारा लेना पड़ रहा है।;
लखनऊ। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव अभिजीत नक्षत्र में दीपक जलाकर सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब उन्हें अपने राजनीतिक अभियान के लिए ‘तिलचट्टों’ का सहारा लेना पड़ रहा है।
राजभर ने कहा कि जिन समाजवादी नेताओं ने गांव-गांव साइकिल चलाकर पार्टी खड़ी की, उनके बाद अब एसी में बैठकर ‘तिलचट्टों’ के भरोसे सरकार बनाने की कोशिश की जा रही है। ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि सुने हैं कि आप अभिजीत नक्षत्र में दीपक जलाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच आपके घर में 'तिलचट्टे' आने लगे, वो भी मुंह बांध के।
उन्होंने आगे लिखा कि टीवी में तो दिखाता है कि 'लाल' वाला स्प्रे तिलचट्टों को खत्म करने के लिए होता है, यहां तो 'लाल' वाले खुद ही तिलचट्टों से मदद मांग रहा है? राजभर ने कहा कि बताइए भला। अपने कंसवादी लोडरों पर इतना भी भरोसा नहीं है कि जो अब 'तिलचट्टों' का साथ ले रहे हैं? आपके पिता और चच्चू एतना मेहनत किये! गांव-गांव साइकिल के पैडल मार-मार के समाजवादी पार्टी चलाए, यही दिन देखने के लिए? कि बेटवा एसी में बइठ के तिलचट्टन के भरोसे सरकार बनाएगा?
उन्होंने कहा कि अब पता चल गया कि आप भी रीलबाज तिलचट्टन के बल पर राजनीति करने वाले हैं। आप चांदी के चम्मच वाले हैं, विदेशी ताकत और अकूत पैसे के बल पर सत्ता का खेल आपकी पुरानी आदत है। राजभर ने कहा कि आपके सैफई सिंडिकेट के बच्चे तो विदेश में पढ़ते हैं, लंदन-पेरिस घूमते हैं लेकिन यही बिनती है कि अपने गांव-देहात के यादव और गरीब जोलहा-पसमांदा मुस्लिम युवाओं को ऐसी आग में मत झोंकिएगा कि उनका और उनके परिवार का भविष्य तबाह हो जाए। जय भारत, जय श्रीराम, जय श्री कृष्ण, जय परशुराम,जय महाराजा सुहेलदेव।