लखनऊ के गुरुकुल में यातनाओं से हुई 11 साल के छात्र की मौत, सामने आई बर्बरता की पराकाष्‍ठा

गुरुकुल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य छात्रों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को कई अहम जानकारी मिली है। जांच में यह संकेत मिला कि छात्र के साथ लगातार मारपीट की जा रही थी। हालांकि, जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटा रही है।;

Update: 2026-04-25 03:06 GMT
कानपुर : लखनऊ के एक गुरुकुल से सामने आया 11 साल के छात्र दिव्यांश द्विवेदी की मौत का मामला बेहद गंभीर और चिंताजनक है। कानपुर निवासी इस छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। शुरुआती जानकारी में इसे दुर्घटना बताया गया था, लेकिन पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए, उन्होंने मामले को हत्या और क्रूरता की दिशा में मोड़ दिया।

घर लौटने की इच्छा बनी विवाद की वजह

पुलिस जांच के अनुसार, दिव्यांश पिछले कुछ दिनों से गुरुकुल छोड़कर अपने घर वापस जाना चाहता था। इसी बात को लेकर गुरुकुल संचालक कन्हैयालाल मिश्रा उससे नाराज बताया जा रहा है। इससे नाराज क्रूर गुरुकुल संचालक उसे चार दिनों से यातनाएं दे रहा था। हाथ-पैर बांध कमरे में बंदकर भूखा-प्यासा रखा जा रहा था। गुरुकुल में लगे कैमरे में वह छात्र को निर्ममता से डंडे से पीटता नजर आया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्र के शरीर पर चोटों व सिगरेट से जलाने के 42 निशान मिले हैं।

सीसीटीवी और जांच में सामने आए तथ्य

गुरुकुल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य छात्रों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को कई अहम जानकारी मिली है। जांच में यह संकेत मिला कि छात्र के साथ लगातार मारपीट की जा रही थी। हालांकि, जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटा रही है। घटनास्थल से कुछ वस्तुएं भी बरामद की गई हैं, जिन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बढ़ाई गंभीरता

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्र के शरीर पर कई चोटों के निशान मिलने की बात सामने आई है। इससे यह संदेह और गहरा गया कि मामला केवल दुर्घटना नहीं है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अपनी जांच को और तेज कर दिया है और सभी संभावित एंगल पर काम किया जा रहा है।

आरोपित संचालक और महिला सहयोगी गिरफ्तार

मामले में मुख्य आरोपी गुरुकुल संचालक कन्हैयालाल मिश्रा और उसकी महिला सहयोगी हर्षिता सोनी को पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है। महिला पर आरोप है कि उसने घटना से जुड़े साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और उनसे आगे की पूछताछ की जा रही है।

पहले दी गई थी दुर्घटना की जानकारी

घटना के शुरुआती चरण में गुरुकुल संचालक ने दावा किया था कि छात्र सीढ़ियों से गिरकर घायल हुआ था। बाद में वह छात्र का शव लेकर उसके घर पहुंचा और वहां छोड़कर चला गया। इस व्यवहार ने भी संदेह को बढ़ाया, जिसके बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया।

परिजनों की शिकायत पर हत्या का मुकदमा

दिव्यांश के पिता की तहरीर पर पुलिस ने गुरुकुल संचालक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। इसके बाद पुलिस टीम लखनऊ पहुंची और गुरुकुल में जांच शुरू की। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए, जिससे मामला और स्पष्ट होता गया।

पुलिस की जांच जारी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी। सभी संबंधित साक्ष्यों—जैसे सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से बरामद सामग्री और गवाहों के बयान का विश्लेषण किया जा रहा है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई

इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी देखने को मिली। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि एक शिक्षण संस्थान का संचालक इस तरह का व्यवहार कैसे कर सकता है।

शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा पर सवाल

यह मामला शिक्षा संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। गुरुकुल जैसे पारंपरिक शिक्षा केंद्र, जहां अनुशासन और संस्कार की अपेक्षा की जाती है, वहां इस तरह की घटना चिंताजनक है। जरूरत है कि ऐसे संस्थानों में पारदर्शिता बढ़ाई जाए, नियमित निरीक्षण हो और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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