यूपी विधानसभा में हंगामे के बीच पेश होगा अनुपूरक बजट, हाथों में तख्तियां लेकर विपक्षी विधायकों का प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ नारेबाजी

उत्तर प्रदेश सरकार आज 50 से 70 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश करेगी। विधानसभा में विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा, शिक्षक भर्ती और NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों पर प्रदर्शन किया।;

Update: 2026-08-04 05:52 GMT

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को राज्य सरकार वित्त वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी। अनुमान है कि इस बजट का आकार 50 हजार करोड़ से 70 हजार करोड़ रुपये के बीच हो सकता है। बजट पेश होने से पहले विधानसभा परिसर में विपक्षी दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी (सपा) समेत अन्य विपक्षी दलों के विधायक हाथों में तख्तियां लेकर विधानसभा पहुंचे और विभिन्न मुद्दों पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

विधानसभा में राम मंदिर चढ़ावा और भर्ती मुद्दों पर हंगामा

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी के विधायकों ने कथित राम मंदिर चढ़ावा मामले पर चर्चा की मांग उठाई। इसके साथ ही शिक्षक भर्ती में आरक्षण, NEET पेपर लीक और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। कई विधायक वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।

विपक्षी विधायकों की तख्तियों पर शिक्षक भर्ती, युवाओं के रोजगार, परीक्षा पारदर्शिता और सामाजिक न्याय से जुड़े संदेश लिखे हुए थे। विधानसभा परिसर में कुछ समय तक राजनीतिक माहौल काफी गर्म रहा।

विकास योजनाओं पर रहेगा सरकार का फोकस

सरकार के पहले अनुपूरक बजट में विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए बड़े वित्तीय प्रावधान किए जाने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, नए एक्सप्रेसवे, छात्राओं को मुफ्त स्कूटी योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण और रोजगार सृजन से जुड़ी योजनाओं के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य अधूरी परियोजनाओं को समय पर पूरा करना और नई योजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन सुनिश्चित करना है।

ग्रामीण विकास और रोजगार को मिलेगी सबसे बड़ी हिस्सेदारी

इस अनुपूरक बजट में ग्रामीण विकास विभाग को सबसे अधिक प्राथमिकता मिलने की संभावना है। जानकारी के अनुसार, मनरेगा और वीबी-ग्राम जी योजना के लिए कुल 16,402.46 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि प्रस्तावित है।

इसमें केवल वीबी-ग्राम जी योजना के लिए लगभग 13,902.46 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि मनरेगा के सामग्री मद के लिए 2,500 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।

वीबी-ग्राम जी योजना के तहत सामग्री मद में 5,445.85 करोड़ रुपये, अन्य श्रमांश के लिए 4,609.37 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति श्रमांश के लिए 2,675.63 करोड़ रुपये, अनुसूचित जनजाति श्रमांश के लिए 133.78 करोड़ रुपये तथा प्रशासनिक खर्च के लिए 1,037.83 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान प्रस्तावित है।

शिवपाल यादव ने बजट पर उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने अनुपूरक बजट को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो सरकार अपने मूल बजट का बड़ा हिस्सा खर्च नहीं कर पाई, वह अब अनुपूरक बजट के जरिए अपनी प्रशासनिक कमियों को छिपाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि सरकार को पहले उन योजनाओं का हिसाब देना चाहिए जिन पर अब तक खर्च नहीं हो पाया। साथ ही उन्होंने राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े विवादों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता जवाबदेही चाहती है और सरकार को पारदर्शिता दिखानी चाहिए।

अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने पर भी रहेगा जोर

सरकार केवल नई योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पहले से स्वीकृत परियोजनाओं को भी तेज गति से पूरा करने के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराएगी। अवस्थापना विकास, औद्योगिक निवेश, ग्रामीण सड़कें, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई विभागों को अतिरिक्त धन मिलने की संभावना है।

सरकार का दावा है कि अनुपूरक बजट के जरिए विकास कार्यों को नई गति मिलेगी, जबकि विपक्ष सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं और जवाबदेही पर सवाल उठा रहा है। ऐसे में विधानसभा में बजट पर होने वाली चर्चा राजनीतिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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