UP News: यूट्यूबर सलीम पर हमले का दूसरा आरोपी गुलफाम भी मुठभेड़ में ढेर, एक लाख का था इनामी
इससे पहले रविवार रात गुलफाम के छोटे भाई और सह आरोपी एक लाख के इनामी जीशान को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। दोनों भाइयों पर 27 फरवरी को सलीम पर सर्जिकल ब्लेड और चाकू से हमला करने का आरोप था।
गाजियाबाद। Youtuber Salim Wastik Case Gulfam Encounter: मजहबी कट्टरता के खिलाफ आवाज उठाने वाले यूट्यूबर सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने दूसरे बड़े आरोपी को भी मुठभेड़ में मार गिराया। एक लाख रुपये का इनामी गुलफाम मंगलवार रात इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में पुलिस कार्रवाई में ढेर हो गया। उसका एक साथी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। कार्रवाई के दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। इससे पहले रविवार रात गुलफाम के छोटे भाई और सह आरोपी एक लाख के इनामी जीशान को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। दोनों भाइयों पर 27 फरवरी को सलीम पर सर्जिकल ब्लेड और चाकू से हमला करने का आरोप था। फिलहाल सलीम दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
कैसे हुई मुठभेड़
डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटील के अनुसार, मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे सूचना मिली कि गुलफाम इंदिरापुरम क्षेत्र में आने वाला है। सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से घेराबंदी की।
एलिवेटेड रोड के नीचे वसुंधरा इलाके में बाइक सवार दो संदिग्ध दिखाई दिए। पुलिस ने पीछा किया तो बाइक मिट्टी के टीले पर फिसलकर गिर गई। पुलिस टीम जैसे ही नजदीक पहुंची, आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में गुलफाम के सीने में गोली लगी। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना में कांस्टेबल पुष्पेंद्र कुमार और संदीप कुमार घायल हुए हैं। दोनों का उपचार चल रहा है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। फरार साथी की तलाश में आसपास के इलाकों में सघन कॉम्बिंग की जा रही है।
हथियार और दस्तावेज मिले
पुलिस के मुताबिक, गुलफाम के पास से एक पिस्टल, एक तमंचा, कारतूस, चाकू, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, कपड़ों से भरा पिट्ठू बैग और बाइक बरामद की गई है। बरामद सामान की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की पहचान की जा रही है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
27 फरवरी का हमला
जांच में सामने आया है कि 27 फरवरी को सलीम वास्तिक नमाज पढ़कर अपने कार्यालय लौटे थे और उस समय अकेले बैठे थे। इसी दौरान जीशान और गुलफाम ने उन पर सर्जिकल ब्लेड और चाकू से हमला किया। हमले में सलीम गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत अब स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।
सुनियोजित साजिश के संकेत
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों भाइयों ने 18 फरवरी से सलीम की रेकी शुरू कर दी थी। लगभग 10 दिनों तक वे उनकी दिनचर्या और गतिविधियों पर नजर रखते रहे। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह हमला अचानक नहीं, बल्कि पूरी योजना के तहत अंजाम दिया गया। दोनों भाई सलीम की गतिविधियों की जानकारी जुटाने के बाद मौके का इंतजार कर रहे थे।
सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ाई शंका
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जीशान को अपने अंजाम का अंदाजा पहले से था। 17 फरवरी को माता-पिता से मिलने के बाद उसने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें वह उदास दिखाई दे रहा था। वीडियो के बैकग्राउंड में ‘आखिरी अंजाम’ से जुड़ी गजल चल रही थी। इस पोस्ट को जांच एजेंसियां अहम सुराग मान रही हैं। माना जा रहा है कि दोनों भाई मानसिक रूप से किसी बड़े कदम के लिए तैयार थे।
‘मोहरे’ होने की आशंका
पुलिस का मानना है कि जीशान और गुलफाम संभवतः किसी बड़े नेटवर्क के ‘मोहरे’ थे। उन्हें टारगेट कहीं और से दिया गया हो सकता है। स्थानीय पुलिस के साथ खुफिया एजेंसियां भी उनके संपर्कों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और बैंक खातों की जांच कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या उन्हें किसी संगठन या व्यक्ति से आर्थिक मदद मिली थी। जांच का फोकस इस बात पर है कि क्या यह हमला किसी संगठित साजिश का हिस्सा था।
अमरोहा के थे रहने वाले
दोनों आरोपी अमरोहा के सैदनगली निवासी बुनियाद सैफी के बेटे थे। परिवार के अनुसार, दोनों भाई पिछले करीब 10 वर्षों से नोएडा में फर्नीचर का काम करते थे। अब परिवार में केवल बुजुर्ग माता-पिता, गुलफाम की पत्नी और उसके दो छोटे बच्चे बचे हैं। जीशान के दफन के महज 12 घंटे बाद गुलफाम की मौत की खबर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। स्थानीय लोगों में चर्चा है कि आखिर किसके बहकावे में आकर दोनों भाई इस रास्ते पर चले गए।
पुलिस की अगली रणनीति
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपित को पकड़ना प्राथमिकता है। साथ ही, हमले की पृष्ठभूमि और संभावित फंडिंग स्रोतों की गहन जांच की जा रही है। सलीम वास्तिक की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की हर एंगल से जांच होगी और यदि किसी बड़े नेटवर्क की संलिप्तता सामने आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सलीम की हालत स्थिर
सलीम वास्तिक पर हमले का मामला अब केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि संभावित संगठित साजिश की दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है। दो आरोपितों की मौत के बाद जांच एजेंसियों के सामने चुनौती है कि वे इस हमले के पीछे की असली वजह और कथित नेटवर्क का पर्दाफाश करें। फिलहाल, घायल सलीम की हालत स्थिर है, लेकिन यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि कट्टरता और उग्र विचारधाराओं के प्रभाव से समाज को कैसे सुरक्षित रखा जाए। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।