भ्रष्टाचार से बचने के लिए जीसीएटी के डिप्टी कमिश्नर ने दिया इस्तीफा: रविदास मेहरोत्रा
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बयान से परेशान अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर ने सीएम योगी के समर्थन में इस्तीफा दे दिया। इस इस्तीफे को समाजवादी पार्टी के नेता रविदास मेहरोत्रा ने नाटक बताया है
लखनऊ। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बयान से परेशान अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर ने सीएम योगी के समर्थन में इस्तीफा दे दिया। इस इस्तीफे को समाजवादी पार्टी के नेता रविदास मेहरोत्रा ने नाटक बताया है।
लखनऊ में समाजवादी पार्टी के नेता रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि जब बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट ने शंकराचार्य पर हो रहे अत्याचार और सरकार के उनके खिलाफ बार-बार दिए जा रहे बयानों के विरोध में इस्तीफा दिया, तो उसके बाद अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर, जिनके खिलाफ जांच चल रही है, उन्होंने जांच से बचने के लिए सरकार के पक्ष में इस्तीफे का ऐलान कर दिया। यह इस्तीफा नाटक है, जनता को गुमराह करने का प्रयास है। शंकराचार्य के ऊपर अन्याय हो रहा है, अपशब्दों का प्रयोग हो रहा है, उनके साथ बुरा बर्ताव किया जा रहा है, जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर के इस्तीफे का क्या मतलब है।
उन्होंने कहा कि शंकराचार्य हिंदुओं के केंद्र हैं, भाजपा की सरकार ने उनके साथ अन्याय करने का काम किया है। वे 10 दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे हैं, जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर को इस्तीफा देने की क्या जरूरत है। केवल नाटक है, भ्रष्टाचार के जो आरोप लगे हैं, उससे बचने का तरीका है।
यूजीसी के नए नियम को लेकर सपा नेता ने कहा कि भाजपा सरकार जानबूझकर लोगों का ध्यान उन मुख्य मुद्दों से भटकाना चाहती है, जो लोगों को प्रभावित कर रहे हैं। सरकार महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, बढ़ रहे अपराध, खराब हो रही स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा व्यवस्था पर बात करने के लिए तैयार नहीं है। यूजीसी के नए नियम से शिक्षा में सुधार नहीं होगा, बल्कि शिक्षा पर सरकार का नियंत्रण होगा। यह छात्रों और शिक्षकों की आवाज को दबाने का प्रयास है।
बता दें कि जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने बताया है कि मैंने सरकार के समर्थन में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में, गृह मंत्री के समर्थन में, इस राष्ट्र के संविधान के समर्थन में और इस राष्ट्र के लोकतंत्र के समर्थन में अपना इस्तीफा दिया है। मैंने कर्मचारी अनुशासन के दायरे में रहते हुए अपना इस्तीफा दिया है।