पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता ने नोएडा में आत्महत्या की

दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और 1975 बैच के आईएएस अधिकारी राकेश मेहता (74) ने नोएडा में अपने किराये के फ्लैट में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली;

By :  Deshbandhu
Update: 2026-09-08 16:50 GMT

केंद्रीय विहार‑2 फ्लैट में पंखे से लटका मिला शव

  • बीमारी से परेशान होकर लिखा सुसाइड नोट
  • पांच साल से नोएडा में अकेले रह रहे थे
  • राष्ट्रमंडल खेलों में निभाई थी अहम जिम्मेदारी

नोएडा। दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और 1975 बैच के आईएएस अधिकारी राकेश मेहता (74) ने नोएडा में अपने किराये के फ्लैट में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उनका शव रविवार को सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसायटी के फ्लैट में पंखे से लटका मिला। पुलिस को मौके से एक पेज का सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें बीमारी से परेशान होने की बात लिखी होने की जानकारी सामने आई है।

परिजनों के मुताबिक, रविवार दोपहर राकेश मेहता को कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद सोसायटी के सुरक्षा गार्ड को फ्लैट पर भेजा गया। गार्ड के अंदर पहुंचने पर घटना की जानकारी हुई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

एसीपी दीक्षा सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पांच साल से नोएडा में अकेले रह रहे थे

मूल रूप से देहरादून के रहने वाले राकेश मेहता करीब पांच साल से नोएडा के सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसायटी में अकेले रह रहे थे। उनकी पत्नी और बेटा देहरादून के वसंत विहार में रहते हैं। पत्नी दिल्ली कैडर की सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। उनका बेटा पीएचडी कर रहा है, जबकि शादीशुदा बेटी लंदन में रहती हैं। पत्नी का नोएडा आना-जाना भी होता था।

जानकारी के अनुसार, राकेश मेहता लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे। पुलिस को मिले सुसाइड नोट में भी बीमारी के कारण परेशान होने की बात सामने आई है।

राष्ट्रमंडल खेलों में निभाई थी अहम जिम्मेदारी

राकेश मेहता प्रशासनिक सेवा के दौरान दिल्ली सरकार और नगर निगम में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। वर्ष 2010 में दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान भी उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई थी। वह दिल्ली के मुख्य सचिव और दिल्ली नगर निगम के आयुक्त जैसे अहम पदों पर रह चुके थे।

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