मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरा डिजिटल स्वगणना प्रपत्र, सहभागिता की अपील
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर प्रवास के दौरान गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित अपने आवास पर प्रदेश में जारी डिजिटल जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत स्वगणना (सेल्फ एनुमेरेशन) का डिजिटल/ऑनलाइन प्रपत्र भरा;
गोरखपुर। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर प्रवास के दौरान गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित अपने आवास पर प्रदेश में जारी डिजिटल जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत स्वगणना (सेल्फ एनुमेरेशन) का डिजिटल/ऑनलाइन प्रपत्र भरा। इस अवसर पर उन्होंने 21 मई तक चलने वाली डिजिटल स्वगणना की प्रक्रिया में सभी नागरिकों की हिस्सेदारी की अपील की।
मुख्यमंत्री योगी ने स्वगणना पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज की और सभी जानकारियों के कॉलम को पूर्ण किया। साथ ही, प्रदेश की जनता से इस प्रक्रिया में सहभागिता दर्ज कराने की अपील करते हुए कहा कि यह देश की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना है। इसका मुख्य उद्देश्य 'हमारी जनगणना-हमारा विकास' की भावना के साथ सटीक आंकड़े जुटाकर प्रदेश के विकास और कल्याणकारी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करना है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में सीएम योगी ने लिखा, "आज श्री गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर में जनगणना-2027 के अंतर्गत डिजिटल माध्यम से 'स्व-गणना' की प्रक्रिया पूर्ण कर इस राष्ट्रीय अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर गौरवान्वित हूं। यह जनगणना सिर्फ जनसंख्या की गणना भर नहीं है बल्कि समग्र, समावेशी और सुनियोजित विकास का सशक्त आधार भी है। सभी प्रदेश वासियों से अपील है कि वे डिजिटल स्व-गणना के माध्यम से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।"
उल्लेखनीय है कि 7 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से डिजिटल जनगणना के पहले चरण 'स्वगणना' का शुभारंभ किया था। स्वयं-गणना पहल के तहत, नागरिक जनगणना पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन व्यक्तिगत और पारिवारिक विवरण जमा कर रहे हैं। सरकार ने राज्य भर के लोगों से सक्रिय रूप से भाग लेने और प्रक्रिया के सफल कार्यान्वयन में सहयोग करने की अपील की है।
अधिकारियों के अनुसार, इस नए डिजिटल तंत्र का उद्देश्य डेटा संग्रह में तेजी लाना, सटीकता सुनिश्चित करना और त्रुटियों को कम करना है। राज्य सरकार ने नागरिकों को यह भी आश्वासन दिया है कि स्वयं-गणना चरण के दौरान डेटा सुरक्षा और गोपनीयता से संबंधित सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। स्वयं-गणना प्रक्रिया 15 दिनों तक चलेगी, जिसके बाद 22 मई से औपचारिक गृह सूचीकरण कार्य शुरू होगा।