'न्याय' से आकांक्षी जिलों में संप्रग को फायदा : सर्वेक्षण

कांग्रेस द्वारा देश के गरीबों के लिए न्यूनतम आय योजना (न्याय) लागू करने के वादे का लाभ लोकसभा चुनाव में कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) को देश के आकांक्षी जिलों में होता दिख रहा है

Update: 2019-03-29 23:17 GMT

नई दिल्ली। कांग्रेस द्वारा देश के गरीबों के लिए न्यूनतम आय योजना (न्याय) लागू करने के वादे का लाभ लोकसभा चुनाव में कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) को देश के आकांक्षी जिलों में होता दिख रहा है। यह नतीजा एक सर्वेक्षण में उभरकर सामने आया है।

आकांक्षी जिलों की घोषणा नीति आयोग ने बीते साल की थी। इनमें विकास की दौड़ में पीछे रह गए जिले शामिल हैं।

सर्वेक्षण के मुताबिक, 'न्याय' कांग्रेसनीत संप्रग के लिए इन आकांक्षी जिलों में चुनाव का रुख मोड़ने वाली साबित हो सकती है। देश के 115 आकांक्षी जिलों में 123 सीटों में से 90 पर यह असर डाल सकती है। यहां संप्रग को इन जिलों में 2014 में मिली सीटों की संख्या से तीन गुना अधिक सीटें मिल सकती हैं। जबकि भाजपानीत राजग की सीटों की संख्या 60 से घटकर 31 पर आ सकती है।

कांग्रेस ने वादा किया है कि अगर वह सत्ता में आई तो 'न्याय' को लागू करेगी, जिसके तहत देश के 20 फीसदी गरीबों को प्रतिमाह छह हजार रुपये का आर्थिक सहयोग किया जाएगा, जो सीधे उनके खातों में जाएगा।

सर्वे के मुताबिक, 90 सीटों पर 'न्याय' मतदाताओं को प्रभावित कर सकता है। 2009 में इनमें से राजग को 40, संप्रग को 33 और अन्य को 17 सीटें मिली थीं।

2014 में यह आंकड़ा राजग के लिए बढ़कर 60 सीटों का हो गया था। संप्रग की सीटें इन 90 सीटों में घटकर महज 11 रह गई थीं। अन्य को 19 सीटें मिली थीं।

सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि 'न्याय' के असर के कारण 2019 में इन आकांक्षी जिलों की सीटों में संप्रग को 38, राजग को 31 व अन्य को 21 सीटें मिल सकती हैं।

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