पानीपत: हरियाणा में ‘टटीरी’ गीत के रैप वर्जन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और गहरा गया है। इस मामले में हरियाणा राज्य महिला आयोग ने सिंगर और रैपर बादशाह के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उनकी गिरफ्तारी के निर्देश जारी कर दिए हैं। आयोग ने साथ ही पंचकूला और पानीपत के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को बादशाह का पासपोर्ट जब्त करने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि वह देश छोड़कर बाहर न जा सकें। यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि आयोग द्वारा जारी नोटिस के बावजूद बादशाह तय तारीख पर व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हुए।
नोटिस के बावजूद नहीं हुए पेश
महिला आयोग ने ‘टटीरी’ गीत के रैप वर्जन में इस्तेमाल किए गए आपत्तिजनक शब्दों और वीडियो में छात्राओं के चित्रण को लेकर 6 मार्च को नोटिस जारी किया था। नोटिस में बादशाह को 13 मार्च को आयोग के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया था। हालांकि, निर्धारित तारीख को वह आयोग के सामने उपस्थित नहीं हुए। शुक्रवार को उनकी ओर से केवल वकीलों का एक पैनल आयोग के समक्ष पेश हुआ, जबकि बादशाह खुद उपस्थित नहीं हुए।
वकीलों ने पेश की दलील
सिंगर की ओर से पेश हुए एडवोकेट अक्षय दहिया ने आयोग को बताया कि बादशाह किसी पेशेवर प्रतिबद्धता (प्रोफेशनल कमिटमेंट) के कारण उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने आयोग से अगली तारीख देने का अनुरोध किया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा कारणों के चलते बादशाह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपना पक्ष रखने की अनुमति दी जाए। वकील की दलील पर आयोग ने कुछ समय के लिए राहत देते हुए बादशाह को दोपहर तीन बजे तक उपस्थित होने का समय दिया।
समय सीमा के बाद आयोग सख्त
हालांकि, आयोग द्वारा दी गई अतिरिक्त समय सीमा के बावजूद भी बादशाह निर्धारित समय तक पेश नहीं हुए। इसके बाद महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने सख्त रुख अपनाते हुए उनके खिलाफ गिरफ्तारी के निर्देश जारी कर दिए। आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि पुलिस उनके पासपोर्ट को जब्त कर ले, ताकि जांच के दौरान वह देश छोड़कर बाहर न जा सकें।
महिलाओं के सम्मान से जुड़ा मामला: आयोग
महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने इस कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा कि महिलाओं और बेटियों के सम्मान से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति आयोग के नोटिस को गंभीरता से नहीं लेता और सुनवाई में उपस्थित नहीं होता, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करना जरूरी हो जाता है। रेनू भाटिया के अनुसार आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं की गरिमा और सम्मान के खिलाफ किसी भी तरह की सामग्री या बयानबाजी को हल्के में न लिया जाए।
क्या है पूरा विवाद
दरअसल, हाल ही में रिलीज हुए ‘टटीरी’ गीत के रैप वर्जन को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। कुछ सामाजिक संगठनों और लोगों ने आरोप लगाया कि इस गीत के बोल और वीडियो में महिलाओं और छात्राओं का चित्रण आपत्तिजनक तरीके से किया गया है। इसी शिकायत के आधार पर हरियाणा महिला आयोग ने मामले का संज्ञान लिया और बादशाह को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
बादशाह ने जारी किया था स्पष्टीकरण
इस विवाद के बीच बादशाह की ओर से एक वीडियो जारी कर सफाई भी दी गई थी। उनके वकीलों ने आयोग के सामने यह दलील दी कि सिंगर का किसी की भावनाओं को आहत करने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने कहा कि बादशाह पहले ही सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे पर अपनी बात रख चुके हैं और विवाद को लेकर खेद भी जताया है।
मामला गंभीर
अब आयोग के निर्देश के बाद मामला और गंभीर हो गया है। पुलिस को दिए गए निर्देशों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यदि आयोग के आदेशों का पालन नहीं किया गया, तो मामले में पुलिस की भूमिका बढ़ सकती है और जांच प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। फिलहाल यह मामला महिला सम्मान, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मनोरंजन उद्योग की जिम्मेदारी जैसे मुद्दों को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बादशाह इस मामले में आयोग के सामने किस तरह अपना पक्ष रखते हैं और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।