ओडिशा मेट्रो परियोजना को लेकर बीजद सांसद ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र
बीजू जनता दल (बीजद) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा ने सोमवार को केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर उनसे तत्काल हस्तक्षेप की मांग की
भुवनेश्वर। बीजू जनता दल (बीजद) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा ने सोमवार को केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर उनसे तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने आग्रह किया कि पिछली सरकार के दौरान शुरू की गई प्रस्तावित मेट्रो रेल परियोजना को राज्य सरकार द्वारा रद्द न किया जाए।
अपने पत्र में सस्मित पात्रा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजद सरकार के दौरान बनाई गई यह मेट्रो परियोजना भुवनेश्वर-कटक-खुर्दा-पुरी कॉरिडोर के लिए बेहद महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था है।
उन्होंने लिखा, "मैं आपसे आग्रह करता हूं कि ओडिशा की प्रस्तावित मेट्रो रेल परियोजना को राज्य सरकार द्वारा रद्द न किया जाए। यह परियोजना भुवनेश्वर-कटक-खुर्दा-पुरी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण परिवहन आधार है।"
पात्रा ने आरोप लगाया कि अगर इस मेट्रो परियोजना को रद्द किया जाता है तो इससे एक अच्छी तरह से बनाई गई बुनियादी ढांचा योजना को नुकसान होगा और ओडिशा के लोगों को बेहतर परिवहन और आर्थिक अवसरों से वंचित होना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि सरकारें बदलती हैं, लेकिन विकास परियोजनाएं जारी रहनी चाहिए क्योंकि यह जनता के हित में है।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछली सरकार द्वारा बनाई गई यह मेट्रो परियोजना पूरी तरह राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित थी।
पात्रा ने कहा कि अगर ओडिशा सरकार इस परियोजना को बंद कर रही है, तो केंद्र सरकार इसे दोबारा शुरू कर सकती है, क्योंकि मेट्रो परियोजनाएं राष्ट्रीय शहरी परिवहन नीति और मेट्रो रेल नीति 2017 के तहत आती हैं।
उन्होंने बताया कि इन नीतियों में केंद्र और राज्य के बीच 50:50 लागत साझेदारी और केंद्र से वित्तीय सहायता जैसे प्रावधान हैं, जिससे आर्थिक दिक्कतों के कारण परियोजनाएं बंद न हों।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट ने शनिवार को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के साथ हुए समझौते को खत्म करने का फैसला लिया, जिससे भुवनेश्वर मेट्रो परियोजना को रद्द कर दिया गया।
साथ ही, भुवनेश्वर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड को राज्य में शहरी परिवहन योजनाओं की योजना और क्रियान्वयन के लिए एक नोडल एजेंसी बनाने का निर्णय भी लिया गया।