पटाखा ब्रिकी रोक के आदेश से व्यापारी सहमे

सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है

Update: 2017-10-10 14:33 GMT

नोएडा। सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है। इसका सीधा असर शहर के फुटकर व थोक पटाखा व्यापरियों पर पड़ा है। दीवाली के मद्देनजर इन लोगों ने पटाखे बुक लिए थे।

पूरा पैसा भी कंपनियों को दिया जा चुका है। लाइसेंस मिलते ही गोदाम से मॉल इनकी दुकानों पर पहुंचना था। लेकिन अदालत के फैसले ने जनपद में करीब साढ़े छह करोड़ के व्यापार को नुकसान में डाल दिया है। व्यापारी इस फैसले से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं है। वह भूूख-हड़ताल व प्रदर्शन कर पटाखा बिक्री पर लगी रोक को हटाने का प्रयास करेंगे।   दीवाली की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। शहर में धनतेरस से सेक्टर-33 स्थित मैदान व ग्रेटर नोएडा में सेक्टर-36 रामलीला मैदान में पटाखे की दुकान लगती है।

इसके लिए लाइसेंस प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी। नोएडा में करीब 1077 लोगों ने लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। इतने ही लोगों ने ग्रेटर नोएडा में भी आवेदन किया था। चालान से लेकर पुलिस वेरीफिकेशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। मंगलवार से लाइसेंस मिलने थे। लेकिन प्रशासनिक अमले ने इसी पूरी प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। सिटी मजिस्ट्रेट एम के सिंह ने बताया कि अदालत के फैसले का पालन किया जाएगा। जितने भी आवेदन आए है किसी को भी लाइसेंस नहीं दिया जाएगा।

फुटकर व थोक कही भी पटाखों की बिक्री नहीं होने दी जाएगी। इसको लेकर पटाखा व्यापरियों में आक्रोश है। इसका नजारा भी देखने को मिला। पटाखा व्यापारी एक जुट होकर सेक्टर-19 स्थित सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। यहा उन्होंने पटाखा बिक्री पर रोक हटाने के लिए प्रदर्शन किया। हालांकि  सोमवार को प्रशासनिक अमले ने किसी भी नहीं सुनी। मंगलवार को पटाखा व्यापारियों के साथ बैठक अहूत की जाएगी। जिसके बाद उनकी समस्या सुनी जाएगी। 

जनपद में प्रति साल बिक जाते है साढ़े छह करोड़ के पटाखे  

 अदालत के फैसले के बाद पटाखा व्यापारियों की भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। थोक पटाखा व्यापारी अब्दुल सत्तार ने बताया कि वह हर साल पटाखे की दुकान सेक्टर-33 में लगाते है। अब तक 5 लाख रुपए का पटाखों का आर्डर दिया जा चुका है। पैसा भी जमा है। लाइसेंस मिलते ही गोदाम से मॉल उठाना था। यही हाल अन्य पटाखा व्यापारियों की भी है। यहा करीब 100 दुकाने लगाई जाती है। सभी दुकानों पर 3 से 5 लाख का मॉल रहता था। इसी तरह फुटकर व्यापारी भंगेल, सलारपुर व अन्य बाजारों में पटाखा की दुकान लगाते है। 

पटाखों के लिए बनाई जाएगी निरीक्षण टीम 

 सिटी मजिस्ट्रेट एम के सिंह ने बताया कि अदालत का फैसले का पूर्णता पालन किया जाएगा। कहीं भी दुकानों पर पटाखों की बिक्री न की जाए इसका ध्यान रखा जाएगा। इसको लेकर दो दिनों में बैठक कर पूरी रणनिति तैयार की जाएगी। साथ ही एक निरिक्षण टीम बनाई जाएगी। यह टीम बाजारों में औचक निरिक्षण करेगी। यदि दुकानों पर पटाखा बिकते हुए देखा गया तो नियम के अनुसार कार्यवाही की जाएगी। दीवाली पर पटाखे जलाने से शहर में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है।

पीएम-2.5 से लेकर जहरीली गैसों की मात्रा में भारी अंतर देखने को मिलता है। इस फैसले के बाद यदि पटाखा नहीं जलाए जाते है तो शहर में 30 प्रतिशत प्रदूषण में कमी आएगी।

 

Full View

Tags:    

Similar News