वेतन संशोधन को लेकर बीएसएनएल कर्मियों का आज प्रदर्शन

3री वेतन संशोधन की मांग को हासिल करने के लिए यूनियन्स एंड एसोसिएशन्स आफ बीएसएनएल के आह्वान पर 27 जुलाई को एक दिवसीय हड़ताल सुबह 10 बजे बीएसएनएल कार्यालय के गेट में प्रारंभ होगा;

Update: 2017-07-27 15:25 GMT

रायपुर। 3री वेतन संशोधन की मांग को हासिल करने के लिए यूनियन्स एंड एसोसिएशन्स आफ बीएसएनएल के आह्वान पर 27 जुलाई को एक दिवसीय हड़ताल सुबह 10 बजे छ.ग. परिमंडल के सभी जिलों के बीएसएनएल कार्यालय के गेट में प्रारंभ होगा।

कार्यालय के मुख्य व्दार पर सभी कर्मचारी 5बजे तक एकत्रित रहेंगे एवं नारेबाजी/प्रदर्शन करेंगे। परिमंडल में हड़ताल को प्रभावकारी सफल करने की जिम्मेदारी आर.एस.भट्ट परिमंडल सचिव बीएसएनएलईयू एवं संयोजक फोरम, कामरेड राजेश रंजन परिमं ल सचिव एसएनईए, एवं कामरेड जी.एस.शर्मा परिमंडल सचिव एफएनटीओ को दी गयी है।

बीएसएनएल को नुकसान वाली कंपनी बनने के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। सरकार के पीएसयू विरोधी नीति एवं निजी कंपनियों को लाभ पहुँचाने वाली नीति के कारण हुयी है। 2006 से 2012 तक बीएसएनएल को मोबाईल उपकरण खरीदी के टेंडर को बार-बार रद्द करके सेवा में विस्तार करने से रोका गया। इसी दौरान ही बाजार में सबसे ज्यादा मोबाईल सेवा का विस्तार हुआ है।

सरकार के गलत निति के कारण बीएसएनएल ग्राहक बढ़ाने में पिछड़ गया। 2007 में 45 मिलियन लाइन मोबाईल उपकरण खरीदी के लिए आमंत्रित निविदा एवं 2010 में 93 मिलियन लाइन मोबाईल उपकरण खरीदी के लिए आमंत्रित निविदा को निरस्त कर सरकार ने बीएसएनएल को नुकसान पहुँचाया है। कर्मचारियों ने उपकरण खरीदी की अनुमति प्रदान करने के लिए आन्दोलन किया है। 2013 से बीएसएनएल के कर्मचारी एवं अधिकारी मिलकर बीएसएनएल के पुनरोध्दार के लिए उपभोक्ता संतुष्टि वर्ष, मुस्कान के साथ सेवा आदि योजना चलाकर आर्थिक मजबूती का काम किया है।

परिणाम स्वरूप वर्ष 2013-14 में 672 करोड़ एवं वर्ष 2015-16 में 3854 करोड़ का परिचालन लाभ बीएसएनएल को हुआ है। कड़ी प्रतिस्पर्धा में भी 20 लाख हर माह नए मोबाईल उपभोक्ताओं को जोड़ने का काम कर्मचारी कर रहे हैं। रिलायंस जिओ को कड़ी चुनौती बीएसएनएल से मिल रही है। 2/3 वर्षों में बीएसएनएल लाभकारी सार्वजनिक उपक्रमों में शामिल होने की पूरी संभावना है।

बीएसएनएल के सामाजिक दायित्वों के साथ सेवा प्रदान को ध्यान में रखकर वेतन आयोग के सिपारिश में शिथिलता प्रदान कर वेज रिवीजन का आदेश प्रदान की मांग संगठनों है। बीएसएनएल में कार्यरत 2 लाख 25 हजार कर्मचारियों के 95त्न प्रतिशत के लिए अंतिम वेतन संशोधन है।

यूनियन्स एंड एसोसिएशन्स आफ बीएसएनएल का यह संयुक्त हड़ताल करो या मरो की नीति पर किया जा रहा है। यदि सरकार तीसरी वेतन संशोधन का लाभ बीएसएनएल कर्मचारियों को देने का निर्णय नहीं लेती है तो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया जायेगा।

Tags:    

Similar News