सुपरटेक जार के एक हजार फ्लैट सीज करने का आदेश
ग्रेटर नोएडा ! ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ओमीक्रान में सुपरटेक बिल्डर के जार प्रोजेक्ट में प्राधिकरण के मंजूर नक्शा के विपरीत बने एक हजार फ्लैट के मामले में;
सुपरटेक व ग्रेनो प्राधिकरण को उच्च न्यायालय से लगा झटका
ग्रेटर नोएडा ! ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ओमीक्रान में सुपरटेक बिल्डर के जार प्रोजेक्ट में प्राधिकरण के मंजूर नक्शा के विपरीत बने एक हजार फ्लैट के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बिल्डर व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को तगड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान एक हजार फ्लैट सीज करने का आदेश जारी किया है। साथ ही आदेश दिया कि किसी अभी नए आबंटी को अब फ्लैट पर कब्जा न दिया जाए। इस मामले में हाईकोर्ट अब अगली सुनवाई आठ फ्रवरी को करेगा। सुनवाई के दौरान मंगलवार को कोर्ट के ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों को भी तलब किया था।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सुपरटेक बिल्डर को सेक्टर ओमीक्रान में बिल्डर ग्रुप हाउसिंग के तहत भूखंड आबंटित किया था। सुपरटेक ने जार नाम से प्रोजेक्ट को लांच किया था। बिल्डर ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 488 फ्लैट बनाने का नक्शा मंजूर कराया था। प्राधिकरण से मंजूर नक्शा के विपरीत बिल्डर नेे 1904 फ्लैट का निर्माण कर लिया था। नक्शा के विपरीत फ्लैट निर्माण करने पर निवशकों ने इसके खिलाफ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में शिकायत की थी।
निवेशकों की शिकायत पर प्राधिकरण ने 11 अप्रैल 2011 को सुपरटेक के जार प्रोजेक्ट के एक हजार फ्लैट को सीज करने का आदेश किया था। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कागजों में अतिरिक्त बने फ्लैट को सीज करने का आदेश कर दिया लेकिन मौके पर प्राधिकरण ने कोई कार्रवाई नहीं की। प्राधिकरण ने किसी फ्लैट को सीज नहीं किया। इसके बावजूद बिल्डर ने अतिरिक्त बने फ्लैट को बेच कर कब्जा देना शुरू कर दिया। निवेशकों की तरफ से इस मामले में प्राधिकरण में शिकायत दर्ज कराई गई लेकिन प्राधिकरण ने कोई कार्रवाई नही। निवेशक वीके शर्मा समेत आठ लोगों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर फ्लैट सीज करने की मांग रखी।
निवेशकों की शिकायत पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी व उप महाप्रबंधक नियोजन को तलब किया। सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने इस मामले में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने आदेश दिया कि अतिरिक्त बने सभी एक हजार फ्लैट को सीज किया। साथ कोर्ट ने कहा कि किसी भी नए निवेशक को फ्लैट पर कब्जा न दिया जाए। अब कोर्ट इस मामले की सुनवाई आठ फरवरी को करेगा।