सत्य नारायण : एशियन पैरा गेम्स में 100 पदक जीतने का लक्ष्य
नागोया, भारतीय पैरा एथलेटिक्स के मुख्य कोच सत्यनारायण ने रविवार से शुरू होने जा रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 के लिए टीम की तैयारियों और उनके शानदार प्रदर्शन करने की क्षमता पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य लगभग 100 पदक जीतना है।;
नागोया, भारतीय पैरा एथलेटिक्स के मुख्य कोच सत्यनारायण ने रविवार से शुरू होने जा रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 के लिए टीम की तैयारियों और उनके शानदार प्रदर्शन करने की क्षमता पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य लगभग 100 पदक जीतना है।
18 से 24 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस महाद्वीपीय मल्टी-स्पोर्ट इवेंट के पांचवें संस्करण में भारत ने 168 खिलाड़ियों का दल भेजा है। भारतीय टीम 11 खेलों में हिस्सा लेगी। टीम का लक्ष्य 2023 में हांगझोऊ में हुए पिछले एशियन पैरा गेम्स के अपने ऐतिहासिक प्रदर्शन को और बेहतर करना है, जहां भारत ने रिकॉर्ड 111 पदक (29 स्वर्ण, 31 रजत और 51 कांस्य) जीते थे और कुल पदक तालिका में पांचवां स्थान हासिल किया था। उद्घाटन समारोह से पहले बात करते हुए सत्यनारायण ने कहा कि भारतीय खिलाड़ी पूरे जोश में हैं और अपनी तैयारियों को अच्छे नतीजों में बदलने के लिए उत्सुक हैं। भारत के पदक अभियान में पैरा एथलेटिक्स की अहम भूमिका रहने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, "हम भारत के लिए लगभग 100 पदक जीतने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं, और हमें पूरा विश्वास है कि हमारे खिलाड़ियों में इसे हासिल करने की क्षमता और दृढ़ संकल्प है। पैरा एथलेटिक्स हमारे पदक अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। हमें उम्मीद है कि कल एथलेटिक्स में हम छह पदक जीतेंगे, जिनमें दो से तीन स्वर्ण पदक शामिल हो सकते हैं। निषाद कुमार भी अच्छी फॉर्म में दिख रहे हैं। हमें उम्मीद है कि वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे और शायद खेलों का नया रिकॉर्ड भी बना सकते हैं। हमारे अभियान की मजबूत शुरुआत के लिए ये बेहतरीन मौके हैं।"
पैरा एथलेटिक्स के मुख्य कोच सत्यनारायण ने कहा, "मुकाबला कड़ा होगा क्योंकि इसमें पूरे एशिया के बेहतरीन खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। हालांकि, हमारे खिलाड़ी पूरी तरह तैयार हैं और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने, पदक जीतने और देश का मान बढ़ाने पर केंद्रित हैं। नागोया में की गई सभी व्यवस्थाओं से खिलाड़ी बेहद खुश हैं। यहां की सुविधाएं, रहने की व्यवस्था और हर तरह के सहयोग ने टीम के लिए एक सकारात्मक माहौल तैयार किया है। खिलाड़ी सहज हैं, प्रेरित हैं और पूरी तरह से अपने-अपने इवेंट्स पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। दल में आत्मविश्वास की भावना बहुत प्रबल है, और हर कोई देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए उत्सुक है।"
भारत के पैरा-एथलीटों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है। इस दल में अनुभवी पदक विजेताओं के साथ-साथ ऐसे उभरते हुए खिलाड़ी भी शामिल हैं, जो इस बड़े महाद्वीपीय आयोजन में अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार हैं। भारतीय दल में कई जाने-माने नाम शामिल हैं, जिनमें जैवलिन थ्रोअर सुमित अंतिल, पैरा-बैडमिंटन चैंपियन प्रमोद भगत, पैरा-शूटर अवनि लेखरा, पैरा-आर्चर शीतल देवी और स्प्रिंटर सिमरन शर्मा प्रमुख हैं। 11 अलग-अलग खेलों में हिस्सा ले रहे इन एथलीटों का प्रदर्शन, आने वाले सप्ताह में भारत के लक्ष्यों को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा।
रविवार को नागोया के पालोमा मिज़ुहो स्टेडियम में उद्घाटन समारोह आयोजित होगा, जिसमें खेलों की आधिकारिक शुरुआत के लिए पूरे एशिया से एथलीट और प्रतिनिधिमंडल इकट्ठा होंगे। इस समारोह में पैरा-बैडमिंटन स्टार प्रमोद भगत और पैरा-एथलीट सिमरन शर्मा भारतीय ध्वज थामेंगे और इस महाद्वीपीय खेल आयोजन में भारतीय दल का नेतृत्व करेंगे।
उद्घाटन समारोह के साथ ही एक सप्ताह तक चलने वाली प्रतिस्पर्धाओं की शुरुआत हो जाएगी, और भारतीय एथलीट अपनी तैयारियों के जोश को खेल के मैदान में भी बरकरार रखने की कोशिश करेंगे। सोमवार से शुरू होने वाले एथलेटिक्स इवेंट्स भारत के लिए अपनी लय बनाने का एक बेहतरीन मौका होंगे। भारतीय टीम का लक्ष्य न केवल पदकों की संख्या बढ़ाना है बल्कि एशियाई पैरा खेलों में देश की स्थिति को एक प्रमुख ताकत के रूप में और मजबूत करना भी है।