40 हजार लोगों ने वेदांता मैराथन में हिस्सा लिया
नई दिल्ली, दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में रविवार को वेदांता हाफ मैराथन का आयोजन किया गया।;
नई दिल्ली, दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में रविवार को वेदांता हाफ मैराथन का आयोजन किया गया। इसमें लगभग 40 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। मैराथन को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हरी झंडी दिखाते हुए शुरू किया।
रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में हर साल इस इवेंट का होना गर्व की बात है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "वेदांता हाफ मैराथन में देश और दुनियाभर से 40 हजार लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें 10 हजार महिलाएं शामिल रहीं। यह खास इवेंट है और यह सिर्फ स्पोर्टिंग इवेंट नहीं है। इस इवेंट ने दिल्ली में ऐसा माहौल बनाया है, जिसमें लोगों ने समुदाय के अलावा, सरहदों को तोड़ते हुए एक साथ कदम आगे बढ़ाए हैं।"
दिल्ली की मुख्यमंत्री ने कहा, "फिट इंडिया मूवमेंट, जिसे लेकर देश के प्रधानमंत्री हमेशा आह्वान करते हैं, आज दिल्ली उस ओर लगातार बढ़ रही है। मैं इस इवेंट के आयोजकों को बहुत बधाई देती हूं, जिन्होंने इस इवेंट को दिल्ली का फीचर बनाया। दिल्ली में हर साल इस इवेंट का होना हमारे लिए गर्व की बात है। मैं इस मैराथन में हिस्सा लेने वाले सभी प्रतिभागियों को बधाई देती हूं।"
आरजे नावेद भी इस मैराथन का हिस्सा बने। उन्होंने पत्रकारों से कहा, "इस बार मुझे दिल्ली का उत्साह दस गुना ज्यादा लग रहा है। तकनीक बेहतर हुई है और लोगों का जोश भी बढ़ा है। हालांकि, एक बात साफ है, दिल्ली में मुझे जो ऊर्जा दिखती है, वैसी भारत के किसी और शहर में नहीं दिखती। इसलिए मैं यही कहूंगा कि जिस भी शहर में मैराथन हो रहा है, वहां आप अपने शहर और देश के लिए हिस्सा लीजिए।"
वेदांता हाफ मैराथन की 21 किमी दौड़ में गोल्ड मेडल जीतने वाले शैलेश कुशवाहा ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए 'आईएएनएस' से कहा कि उन्होंने इस प्रतियोगिता के लिए कड़ी मेहनत और तैयारी की थी, जिसका परिणाम उन्हें जीत के रूप में मिला। उन्होंने कहा कि पहले स्थान पर आकर उन्हें बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। शैलेश मूल रूप से प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, लेकिन प्रतियोगिताओं में कर्नाटक के बेंगलुरु का प्रतिनिधित्व करते हैं।
उन्होंने बताया कि इससे पहले वह टीसीएस की 10 हजार किलोमीटर की विश्व दौड़ में दूसरे स्थान पर रहे थे, जबकि इस बार उन्होंने पहला स्थान हासिल किया है। भविष्य की योजनाओं के बारे में बात करते हुए शैलेश ने कहा कि उनका लक्ष्य दूसरे देशों में जाकर भी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना और वहां भारत के लिए पदक जीतना है।
वेदांता हाफ मैराथन के बारे में बात करते हुए चार्ल्स मटाटा ने आईएएनएस से कहा, "आज का अनुभव पिछले दिनों या पिछले वर्षों के अनुभवों से कहीं बेहतर था क्योंकि आज मैं बहुत मजबूत महसूस कर रहा था और मौसम भी मेरे लिए बहुत अनुकूल था। इसी कारण 8 किमी के बाद जब पेसर्स की गति धीमी पड़ने लगी, तो मैंने मन में ठान लिया कि फिनिश लाइन दिखने तक मुझे अपनी पूरी ताकत लगानी है।"