नरेंद्र नाम से नफरत करने लगा पाकिस्तानी मुक्केबाज, भारतीय पदक विजेता ने PM को सुनाया दिलचस्प किस्सा

नरेंद्र ने प्रधानमंत्री के साथ बातचीत के दौरान साल 2015 के वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स का एक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में उनका पहला मुकाबला ही एक पाकिस्तानी मुक्केबाज से हुआ था।;

Update: 2026-08-10 08:27 GMT

नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया। भारत ने प्रतियोगिता में 13 स्वर्ण समेत कुल 39 पदक अपने नाम किए। खेलों में पदक जीतकर लौटे भारतीय खिलाड़ियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने आवास पर मुलाकात की। इस दौरान भारतीय मुक्केबाज नरेंद्र ने प्रधानमंत्री को अपने करियर से जुड़ा एक ऐसा मजेदार किस्सा सुनाया, जिसे सुनकर पीएम मोदी भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।

जब पाकिस्तानी बॉक्सर से हुई पहली भिड़ंत

नरेंद्र ने प्रधानमंत्री के साथ बातचीत के दौरान साल 2015 के वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स का एक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में उनका पहला मुकाबला ही एक पाकिस्तानी मुक्केबाज से हुआ था। नरेंद्र के मुताबिक, मुकाबले से पहले भारतीय सेना की तरफ से उन्हें फोन आया था। उन्हें स्पष्ट तौर पर कहा गया था कि किसी भी स्थिति में पाकिस्तान के खिलाड़ी से मुकाबला नहीं हारना है। इसके बाद उन्होंने रिंग में उतरकर अपना पहला बाउट 4-1 के अंतर से जीत लिया। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच दूसरा बाउट भी काफी कड़ा रहा। नरेंद्र ने बताया कि उन्होंने यह मुकाबला भी 3-2 से अपने नाम किया। हालांकि, मुकाबले के दौरान दोनों मुक्केबाजों के सिर आपस में टकरा गए और दोनों को चोट लगी।

अस्पताल में हुई बातचीत ने बना दिया मजेदार किस्सा

सिर में चोट लगने के बाद दोनों मुक्केबाजों को अस्पताल ले जाया गया। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत हुई। नरेंद्र ने बताया कि भारतीय टीम के साथ उस प्रतियोगिता में भारतीय सेना की ओर से जो कोच गए थे, उनका नाम भी नरेंद्र राणा था। नरेंद्र ने बताया कि उस समय नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बन चुके थे। जब पाकिस्तानी मुक्केबाज को पता चला कि भारतीय खिलाड़ी का नाम नरेंद्र है, उसके कोच का नाम नरेंद्र राणा है और देश के प्रधानमंत्री का नाम भी नरेंद्र है, तो उसने मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी।

'अब नरेंद्र नाम से ही नफरत हो गई'

नरेंद्र ने प्रधानमंत्री मोदी को उस बातचीत को याद करते हुए बताया कि पाकिस्तानी मुक्केबाज ने उनसे कहा था कि आपका नाम नरेंद्र है, आपके कोच का नाम नरेंद्र है और आपके प्रधानमंत्री का नाम भी नरेंद्र है। इसके बाद उसने मजाक में कहा कि उसे अब 'नरेंद्र' नाम से ही नफरत हो गई है। नरेंद्र ने जैसे ही प्रधानमंत्री के सामने यह किस्सा सुनाया, वहां मौजूद माहौल हल्का-फुल्का हो गया। प्रधानमंत्री मोदी भी इस मजेदार बात पर जोर से हंसते नजर आए। खिलाड़ियों के साथ हुई मुलाकात में यह किस्सा चर्चा का खास विषय बन गया।

फाइनल में गोल्ड से चूक गए नरेंद्र

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में नरेंद्र ने 90+ किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन किया और रजत पदक जीता। हालांकि, फाइनल में उन्हें स्वर्ण पदक हासिल करने में सफलता नहीं मिली। फाइनल मुकाबले में नरेंद्र का सामना इंग्लैंड के डामार थॉमस से हुआ। मुकाबले में भारतीय मुक्केबाज को 0-5 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने भारत के पदक अभियान में अहम योगदान दिया।

भारतीय मुक्केबाजों ने जीते 10 पदक

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन भी बेहद प्रभावशाली रहा। पुरुष और महिला मुक्केबाजों ने मिलकर कुल 10 पदक भारत की झोली में डाले। नरेंद्र का सिल्वर मेडल भी इसी शानदार प्रदर्शन का हिस्सा रहा। भारत के लिए पूरे खेलों का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा। देश ने कुल 39 पदक जीते, जिसमें 13 स्वर्ण पदक शामिल रहे। प्रधानमंत्री की खिलाड़ियों से मुलाकात इसी सफलता के बाद हुई, जहां उन्होंने पदक विजेताओं को बधाई दी और उनके प्रदर्शन की सराहना की।

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