सरयू नदी का जलस्तर घटा, बाढ़ से अभी भी लोग प्रभावित
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में सरयू नदी का जलस्तर घट रहा है, लेकिन नदी खतरे के बिन्दु से अभी भी उपर बह रही है। जलस्तर घटने के साथ ही नदी कई स्थानों पर तेजी से कटान कर रही है
बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में सरयू नदी का जलस्तर घट रहा है, लेकिन नदी खतरे के बिन्दु से अभी भी उपर बह रही है। जलस्तर घटने के साथ ही नदी कई स्थानों पर तेजी से कटान कर रही है।
20 हजार से अधिक लोग अभी भी प्रभावित हैं। सरकारी सूत्रों ने आज यहां बताया कि सरयू नदी का जलस्तर घट रहा है। बाढ़ से अभी भी 15 गांव घिरे हैं और 20 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हैं।
बाढ़ से प्रभावित 125 से भी अधिक गांवो मे जिला प्रशासन ने राहत और सहायता का काम तेज कर दिया गया है। वहां चिकित्सकों का दल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि सरयू नदी का जलस्तर घट रहा है, लेकिन नदी का दबाव बी डी बंधे पर बना हुआ है।
कटरिया चान्दपुर बन्धे का स्लोप 40 मीटर लम्बाई मे कट रहा है बंधे को बचाने के लिए बाढ़ खण्ड कार्य के कर्मचारी जुटे हुए है। नदी के घटने के चलते कई रास्ते पर आवागमन शुरू हो गया है। बंधो और ऊंचे स्थानो पर शरण लिए नागरिक धीरे- धीरे अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं।
सूत्रों ने बताया कि सरयू नदी की धारा से विक्रमजोत लोलपुर बांध के तीन ठोकर क्षतिग्रस्त हो गये हैं। नदी तेजी से इन ठोकरो को काट रही है। भदोई ग्राम के पास कटान तेज होने से ठोकर नम्बर दो क्षतिग्रस्त हो गया है।
अयोध्या से सरयू की धारा सीधे भदोई के ठोकरो से टकरा रही है ठोकरो को मजबूत करने का काम चल रहा है।बाढ़ से टेंगरिया राजा, रामलौटपुरवा, साधु का पुरवा, चलवनिया, मदरहिया, गंगापुर, महुआपार, मईपुर, बिजौरा, अइलहवा, भगवन्तपुर, चरकैला, जितवापुर, केशवपुर, भदोई, बाघानाला, भरथापुर, कल्याणपुर, सहजौरा पाठक, चांदपुर, पड़ाव, तसौना, कन्हईपुर, खेमराजपुर, पकड़ी, रामनगर, राजारामपुर, मांझाकला, बैरियापुर, धोबहट, माझाखुर्द गांवों के नागरिक परेशान है।
उन्होंने बताया कि बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिये जिला प्रशासन ने तीन बाढ़ शरणालय खोले हैं। बाढ़ पीड़ितों को भोजन के पैकेट, पालीथीन तथा मिट्टी का तेल बांटा जा रहा है।
बाढ पीडितों की सहायता के लिये 120 नावें लगायी गयी हैं। बाढ़ खण्ड कार्य के अधिकारी कटानस्थलों पर लगातार नजर रखे हुए है। कटान स्थलो की निगरानी की जा रही है।