पीने के दूषित पानी पर न्यायमित्रों की रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश

दूषित पानी पीने सप्लाई के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त न्यायमित्रों ने आज अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश कर दी

Update: 2018-04-06 11:27 GMT

स्वास्थ्य व समाज कल्याण सचिव से तीन दिनों में जवाब तलब 

बिलासपुर। दूषित पानी पीने सप्लाई के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त न्यायमित्रों ने आज अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश कर दी। हाईकोर्ट ने  स्वास्थ्य व समाज कल्याण विभाग के सचिव को तीन दिनों में जवाब पेश करने का आदेश दिया। अगली सुनवाई 9 अप्रैल को होगी। 

पीने के दूषित पानी की सप्लाई और  पीलिया से वर्ष 2014 में एक महिला की मौत को लेकर दायर जनहित याचिका के पर हाईकोर्ट द्वारा गठित 3 सदस्यीय  न्याय मित्रों की कमेटी गठित की गई थी, जिसमें अधिवक्ता मनोज परांजपे  अधिवक्ता अमृतो दास एवं सौरभ डांगी शामिल थे जिन्होंने आज रायपुर शहर में पीलिया की गंभीर स्थिति पर हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश की।

चीफ जस्टिस टी.बी. राधाकृष्णन व जस्टिस शरद गुप्ता की डिवीजन बेंच में प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया कि रायपुर के कई मोहल्लों में पीलिया फैल चुका है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने टीम को बताया है कि फरवरी में रायपुर में एक भी प्रकरण पीलिया का दर्ज नहीं किया गया जबकि मार्च से 98 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से अधिकतर कांपा-नहरपारा, प्रेम नगर, नया पारा तथा सदर बाजार से थे। जिला अस्पताल में 6 प्रकरण तथा अंबेड़कर अस्पताल में 17 प्रकरण दर्ज किये गये।

न्यायमित्रों द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत करने उपरांत कोर्ट ने सचिव स्वास्थ्य एवं सचिव समाज कल्याण विभाग को 3 दिनों में जवाब प्रस्तुत करने के लिए आदेशित किया है। प्रकरण की अगली सुनवाई  9 अप्रैल 2018 को होगी। न्यायमित्रों की टीम 30 मार्च 2018 को गोपाल नगर की कौशल्या साहू के घर गई थी, जहां पर उन दो बच्चियों के स्वास्थ्य की जानकारी ली जिनकी डिलवरी के वक्त कौशल्या साहू की मौत होना बताया जा रहा है। मोवा की सुशीला साहू के घर भी टीम गई थी, जहां परिवार का कोई सदस्य नहीं मिला था।

ये है न्यायमित्रों का सुझाव 
न्यायमित्रों ने सुझाव दिया कि सचिव स्वास्थ्य एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को मिलकर पीलिया नियंत्रण हेतु कार्य करने विशेषकर कांपा-नहरपारा, गोपाल नगर, सदर बाजार क्षेत्र में वरिष्ठ चिकित्सकों की मौजूदगी में कैंप लगाये जाने हेतु निर्देश देने के साथ-साथ यह सुनिश्चित कराया जाए कि पीने के पानी की पाइप लाइनों से किसी भी प्रकार से दूषित पानी घरों में नहीं पहुंचे। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि सचिव स्वास्थ्य विभाग को कौशल्या साहू तथा सुशीला साहू को पीलिया से हुई मौत की जांच कर उनके परिवार को मुआवजा दिलवाने हेतु निर्देश दिया जाए। 

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