वृंदा करात ने संसद में विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया, भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर उठाए सवाल
सीपीआई (एम) की नेता वृंदा करात ने संसद की कार्यवाही, भारत-अमेरिका ट्रेड डील और केरल चुनाव को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
उदयपुर। सीपीआई (एम) की नेता वृंदा करात ने संसद की कार्यवाही, भारत-अमेरिका ट्रेड डील और केरल चुनाव को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि भाजपा चाहती है कि विपक्ष केवल वही मुद्दे उठाए जो वह स्वयं चाहती है, जबकि वास्तविक और महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा से बचा जा रहा है।
उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि संसद की कार्यप्रणाली में गिरावट देखने को मिल रही है और इससे सदन की गरिमा प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण विधेयकों पर विस्तृत बहस की परंपरा कमजोर पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बैठकों के दिनों में कमी, स्थायी समितियों पर दबाव, और गंभीर मुद्दों पर चर्चा से परहेज, संसदीय प्रणाली की आत्मा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। संसद में आने वाले हर विधेयक को व्यापक बहस के बाद पारित किया जाना चाहिए, लेकिन वर्तमान स्थिति में ऐसा नहीं हो रहा है।
उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के मुद्दे पर कहा कि यह तथाकथित डील एकतरफा प्रतीत होती है और सरकार ने इसके बारे में संसद या जनता को स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि देश को इस समझौते की जानकारी सीधे डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से मिल रही है। उन्होंने उल्लेख किया कि पहले कुछ अलग संकेत दिए गए, बाद में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने संयुक्त बयान आने की बात कही।
करात ने सवाल उठाया कि यदि संयुक्त बयान में टैरिफ और गैर-टैरिफ मुद्दों पर सहमति बनी है तो इसकी पूरी जानकारी जनता के सामने क्यों नहीं रखी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि वास्तविक बातचीत और शर्तों को लेकर देश की जनता को अंधेरे में रखा गया है।
केरल में आगामी विधानसभा चुनाव के संबंध में वृंदा करात ने विश्वास जताया कि राज्य में पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रहेगा। उन्होंने कहा कि इस समय केरल में वाम मोर्चे की सरकार है और लगातार दूसरी बार सत्ता में आने के बाद उसने कई जनकल्याणकारी काम किए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि जनता को सरकार का काम संतोषजनक लगता है तो इस बार हैट्रिक भी संभव है। उनका कहना है कि जनता विकास और नीतियों के आधार पर फैसला करेगी और लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट के नेतृत्व में सरकार को दोबारा अवसर मिल सकता है।