वर्षा डोंगरे ने 376 पेज का दिया जवाब

रायपुर ! निलंबित डिप्टी जेलर वर्षा डोंगरे ने जेल मुख्यालय को आज 376 पेज का अपना जवाब भेज दिया है। मुख्यालय ने वर्षा को निलंबित करने संबंधित 32 पेज का सवाल भेजकर जवाब मांगा था।

Update: 2017-05-10 05:07 GMT

राज्य सरकार के फैसले पर उठाए सवाल
रायपुर !  निलंबित डिप्टी जेलर वर्षा डोंगरे ने जेल मुख्यालय को आज 376 पेज का अपना जवाब भेज दिया है। मुख्यालय ने वर्षा को निलंबित करने संबंधित  32 पेज का सवाल भेजकर जवाब मांगा था। वर्षा डोंगरे ने अपने जवाब में राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने अब तक निलंबन की प्रति नहीं मिलने का जिक्र भी किया है। नक्सल समस्या को लेकर फेसबुक पर सरकार के खिलाफ पोस्ट कर  डिप्टी जेलर वर्षा डोंगरे   चर्चित हुई है। डीजीपी जेल गिरधानी नायक ने 32  पेज के सवाल में वर्षा डोंगरे पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन पर सरकारी कर्मचारियों के लिए बनी नियमावली के उल्लंघन का भी आरोप हैं। इसके जवाब में वर्षा डोंगरे ने  376  पेज का जवाब दिया है ।  इसके साथ ही सोशल मीडिया के जरिए कार्रवाई और जाँच को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
 वर्षा डोंगरे ने जेल डीजीपी को लिखे जवाब में  आरोप लगाया है कि अभी तक उन्हें निलंबन का पत्र नहीं मिला है। वर्षा ने सोशल मीडिया के जरिए जांच को लेकर भी सवाल खड़ा किया है। फेसबुक में उनकी ताजा पोस्ट में उनका कहना है कि जांच अधिकारी आरआर राय ने मेरे जवाब के पहले ही पोस्ट को गलत मान लिया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले, सी.बी.आई रिपोर्ट, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग नई दिल्ली रिपोर्ट, भारत का राजपत्र, एक्सपर्ट ग्रुप आफ प्लानिंग कमीशन की रिपोर्ट को बिना विचार किए मेरे पोस्ट को गलत बताकर निलंबित कर दिया गया। अब वे निलंबन के खिलाफ संवैधानिक संघर्ष करेगी। उन्होंने केन्द्र सरकार से आदिवासी क्षेत्र में 5वीं अनुसूची बहाल करने मांग की है। उन्होंने कहा कि मेरे सोशल मीडिया पोस्ट की जाँच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए 7 दिवस का समय दिया गया। वहीं दूसरी ओर जांच अधिकारी राय  के द्वारा मुझे 32 पेज का पुलिंदा थमाकर 2 दिवस के भीतर जवाब प्रतिवेदन मांगा गया । जिसके उत्तर में मैने 376 पेज का जवाब भेज दिया था ।  वर्षा ने कहा कि केन्द्रीय जेल रायपुर में 8 मई को 5 दिन बाद मैं स्वस्थता के पश्चात ड्यूटी में उपस्थित हुई। मुझे निलंबन की फोटो कापी दी गई और कहा गया कि मूल कापी मेरे स्थायी गृह निवास कवर्धा भेज दिया गया है जो आज पर्यंत अप्राप्त है।े शासकीय आवास पर े देखा कि मेरे घर के दरवाजे पर निलंबन आदेश चस्पा कर दिया गया था।

 

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