रेलवे ने पांच दिनों में तैयार किये 50 आइसोलेशन वार्ड

कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिये पूर्वोत्तर रेलवे ने 50 कोचों को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर लिया है।

Update: 2020-04-11 11:33 GMT

लखनऊ। कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिये पूर्वोत्तर रेलवे ने 50 कोचों को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर लिया है।

रेलवे के एक प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिये विभाग सतत प्रयत्नशील है और इसके तहत लखनऊ मण्डल के सवारी एवं मालडिब्बा विभाग (समाडि) के गोरखपुर स्थित कोचिंग डिपो में 38 साधारण कोचों एवं लखनऊ स्थित ऐशबाग कोचिंग डिपों में 12 साधारण कोचों को मात्र पांच दिनों के भीतर आवश्यक चिकित्सा सुविधा से युक्त आइसोलेशन वार्ड में परिवर्तित करने का काम पूरा कर लिया गया है।

उन्होने बताया कि इस कठिन समय में सभी रेल कर्मी कर्मठता तथा तत्परता से अपनी डयूटी निभा रहे है। मुख्य रूप से मालगाड़ियों एवं विशेष पार्सल गाड़ियों का संचालन तथा रेलवे अनुरक्षण कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा फेस मास्क एवं सैनिटाइजर का वितरण किया जा रहा है। भूखे, गरीब, बेसहारा, जरूरतमंदो, श्रमिकों, महिलाओं एवं बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने का काम रेलकर्मी पूरी निष्ठा और मनोयोग से कर रहे है।

प्रवक्ता ने बताया कि अभी तक रेलवे कर्मियाें ने मिलजुल कर छह हजार मास्क और 160 लीटर सेनिटाइजर का निर्माण किया है जबकि रेल कर्मी एवं रेलवे सुरक्षा बल के बल के जवान 11 हजार फूड पैकेटों का वितरण विभिन्न स्टेशनों पर कर चुके हैंं।

उन्होने बताया कि कोविड-19 के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए अनेक तरह के उपाय किये जा रहे है, जिसमें अनुरक्षण कार्य तथा मालगोदामों पर, माल लदान एवं उतरान का काम कर रहे रेलवे कर्मचारियों के साथ ही ठेके पर काम करने वाले श्रमिकों सेनिटाइजर, साबुन, हाथों के दस्ताने, फेस मास्क, रूमाल प्रदान किये जा रहे हैं। सभी कर्मियों एवं श्रमिकों की रेल परिसर में प्रवेश के समय थर्मल स्क्रीनिंग की जाती है।

 

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