ट्विशा शर्मा केस : परिजनों ने कहा-समर्थ के परिवार को माफिया का समर्थन, फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो सुनवाई
ट्विशा शर्मा की मौत का मामला सुर्खियों में बना हुआ है। ट्विशा के परिजनों ने आरोपियों और उनके समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर समर्थ को बचाने की कोशिश चल रही है।;
जबलपुर। ट्विशा शर्मा की मौत का मामला सुर्खियों में बना हुआ है। ट्विशा के परिजनों ने आरोपियों और उनके समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर समर्थ को बचाने की कोशिश चल रही है।
ट्विशा के जीजा सौरभ शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि जबलपुर में जो हंगामा हुआ, वह पिछले कई दिनों से बन रहे माहौल का नतीजा था। समर्थ, उसकी मां और उसके समर्थक किसी भी कीमत पर उसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं। वह खुद जबलपुर में मौजूद थे और उन्होंने देखा कि कोर्ट परिसर में किसी को भी समर्थ से मिलने की इजाजत नहीं दी जा रही थी। उन्होंने दावा किया कि कमरा बंद था और समर्थ आराम से वहां बैठा हुआ था जबकि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी भी पर्याप्त नहीं थी।
सौरभ शर्मा ने सवाल उठाया कि जिस व्यक्ति पर इनाम घोषित हो, वह पुलिस से बचकर कोर्ट तक कैसे पहुंच गया। समर्थ को थाने में सरेंडर करना चाहिए था, लेकिन उसका सीधे कोर्ट पहुंचना कई सवाल खड़े करता है।
ट्विशा के चचेरे भाई आशीष शर्मा ने कहा कि पूरे मामले में कार्रवाई काफी देरी से हुई। उन्होंने कहा कि हाल ही में न्यायपालिका ने कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं और दोबारा पोस्टमार्टम की मंजूरी भी मिल चुकी है। आशीष शर्मा ने उम्मीद जताई कि इस मामसे में सीबीआई जल्द कार्रवाई शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि कोर्ट में आरोपी घंटों तक आराम से बैठा रहा और वहां पत्रकारों के साथ भी मारपीट की गई, जिससे दबाव का माहौल बनाने की कोशिश दिखाई दी।
ट्विशा के चाचा ओकेश शर्मा ने आरोप लगाया कि कोर्ट में जो हुआ वह सिर्फ हंगामा नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन था। आरोपियों के समर्थकों ने उनके वकील को भी धमकी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक आपराधिक परिवार है और उसका समर्थन करने वाले लोग भी माफिया प्रवृत्ति के हैं।
ट्विशा की बहन स्वाति शर्मा ने मांग की कि सीबीआई जांच जल्द पूरी की जाए और मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में अक्सर सालों लग जाते हैं, इसलिए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और त्वरित सुनवाई जरूरी है, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके।