रेलकर्मियों का डिजिटल होगा सेवा रिकॉर्ड

भारतीय रेलवे ने अपने सभी 13 लाख कर्मचारियों एवं अधिकारियों का सर्विस रिकॉर्ड फाइलों से निकाल कर कंप्यूटर दर्ज करने का काम शुरू कर दिया है

Update: 2018-01-21 15:34 GMT

नयी दिल्ली। भारतीय रेलवे ने अपने सभी 13 लाख कर्मचारियों एवं अधिकारियों का सर्विस रिकॉर्ड फाइलों से निकाल कर कंप्यूटर दर्ज करने का काम शुरू कर दिया है और उसने यह काम चालू वित्तवर्ष के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि रेलवे बोर्ड के सचिव के कार्यालय से सभी ज़ोनल रेलवे और उत्पादन इकाइयों को निर्देश दिये गये हैं कि 31 मार्च तक अपने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड का पूरी तरह से डिजीटलीकरण कर लिया जाए और रेलवे बोर्ड के स्थापना निदेशालय को सूचित किया जाए।

रेलवे बोर्ड के इस कदम को कार्मिक मामलों के पूर्ण डिजीटलीकरण के रूप में देखा जा रहा है।
रेलवे इससे पहले अपने सेवारत एवं सेवानिवृत्त कर्मियों के लिये शिकायतों के समाधान के वास्ते एक पोर्टल शुरू कर चुकी है।

सूत्रों के अनुसार इससे रेलवे बोर्ड के साथ साथ रेलकर्मियों को भी लाभ होगा।
बड़ी संख्या में रेल कर्मी सेवा संबंधी तमाम विसंगतियों को लेकर क्षेत्रीय मुख्यालय से लेकर रेलवे बोर्ड तक दौड़धूप करते हैं।
डिजीटलीकरण हाेने से उनकी शिकायतों का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा और स्थापना अधिकारियों का बोझ भी कम होगा।

सूत्रों के अनुसार सर्वाधिक शिकायतें सेवा में वरिष्ठता, वेतनमान निर्धारण, पदोन्नति में गड़बड़ियाें और स्थानांतरण को लेकर आतीं हैं।

इन शिकायतों के निस्तारण को लेकर रिकॉर्ड मंगाना पड़ता है और रिकाॅर्ड की फाइलें कई बार अनेक स्थानों पर होने के कारण शिकायतों के निस्तारण में बहुत समय लग जाता है और इससे परेशान कर्मचारी अक्सर अदालत चले जाते हैं। रिकॉर्ड के डिजीटलीकरण के बाद ये समस्याएं बहुत हद तक कम हो जाएंगी।

 

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